सीमांत क्षेत्र खटीमा में सोमवार की रात उस समय चीख-पुकार मच गई जब मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। चश्मदीदों के अनुसार यह पूरी घटना केवल मोटरसाइकिल हटाने जैसे तुच्छ विषय से शुरू हुई थी, लेकिन देखते ही देखते उपद्रवियों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इस हिंसक वारदात में इस्लामनगर निवासी जावेद, नवाब और निसार गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, जिसमें हमलावर सरेआम तलवारें लहराते और युवकों को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। घायलों की स्थिति इतनी नाजुक थी कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद दो युवकों को तत्काल हायर सेंटर रेफर करना पड़ा।
व्यापार मंडल चुनाव और सुरक्षा की चुनौतियां
नगर में बढ़ते अपराधों और इस ताजा घटनाक्रम पर खटीमा पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। कोतवाल वीरेंद्र शाह ने बताया कि पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने स्वीकार किया है कि वर्तमान में व्यापार मंडल चुनाव के चलते गहमागहमी का माहौल है, जिसे देखते हुए गश्त और निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का तर्क है कि चुनाव या अन्य आयोजनों की आड़ में कानून व्यवस्था को ताक पर नहीं रखा जा सकता। पुलिस अब अपराधियों की धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो का सहारा ले रही है।
दहशत के साये में खटीमा की जनता
खटीमा में पिछले कुछ महीनों का आपराधिक ग्राफ डराने वाला है। दिसंबर 2025 में हुए तुषार शर्मा हत्याकांड के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि जनवरी और अब फरवरी की शुरुआत में हुई इस चाकूबाजी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। सड़कों पर सरेआम तलवारें चलने की घटना से व्यापारियों और आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस ने सख्त रवैया नहीं अपनाया तो अपराधियों के हौसले इसी तरह बुलंद रहेंगे। फिलहाल अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और पुलिस बल को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
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