उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई की दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है। सोमवार को सीबीआई की टीम पहाड़ की बेटी को न्याय दिलाने के संकल्प के साथ उत्तराखंड पहुंच गई। यह कदम उस समय उठाया गया है जब अंकिता के परिजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने लंबे समय तक इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। हालांकि मुख्य आरोपियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन उस रात रिजॉर्ट में आने वाले वीआईपी का नाम अभी भी एक पहेली बना हुआ है। अब केंद्रीय जांच एजेंसी की एंट्री से उन सफेदपोशों में हड़कंप मचा है जिनके नाम इस विवाद से जुड़ते रहे हैं।

सोशल मीडिया के खुलासे ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें

इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब पूर्व विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर एक वीआईपी 'गट्टू' का जिक्र किया और एक ऑडियो के माध्यम से चौंकाने वाले दावे किए। उर्मिला के दावों ने इस शांत पड़ते मामले में आग में घी डालने का काम किया, जिसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बढ़ते जन आक्रोश और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनवरी की शुरुआत में ही सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। अब जांच एजेंसी उस ऑडियो क्लिप और वायरल दावों की सच्चाई खंगाल रही है ताकि इस हत्याकांड के पीछे छिपे असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

वीआईपी का वो अनसुलझा राज और अंकिता की आखिरी चैटिंग

सितंबर 2022 की उस काली रात का सच आज भी अंकिता की उन चैट्स में कैद है जो उसने अपने मित्र पुष्पदीप को भेजी थीं। अंकिता ने स्पष्ट रूप से बताया था कि रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य उस पर एक खास वीआईपी को 'एक्स्ट्रा सर्विस' देने के लिए दबाव बना रहा है। उसने अपनी सुरक्षा को लेकर डर भी जाहिर किया था। हालांकि एसआईटी ने अपनी जांच में सैंकड़ों गवाहों और सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन वह उस वीआईपी की पहचान स्थापित करने में विफल रही थी जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। अब सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती इसी यक्ष प्रश्न का उत्तर खोजना है। माना जा रहा है कि टीम जेल में बंद पुलकित आर्य से दोबारा पूछताछ कर सकती है ताकि उस नाम की पुष्टि की जा सके।

जांच के घेरे में आएंगे प्रभावशाली चेहरे

सीबीआई की जांच अब केवल हत्याकांड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन कड़ियों को भी जोड़ेगी जो अब तक पर्दे के पीछे थीं। उर्मिला सनावर द्वारा जारी किए गए ऑडियो में जिन नेताओं और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों का नाम सामने आया है, उनकी लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाली जा सकती हैं। अंकिता के माता-पिता की लंबी लड़ाई अब एक निर्णायक मोड़ पर है। जहां एक ओर मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, वहीं दूसरी ओर जनता यह जानना चाहती है कि वह प्रभावशाली व्यक्ति कौन था जिसके संरक्षण में यह पूरा कुचक्र रचा गया। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की इस सक्रियता ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो अब तक अपनी रसूख के दम पर इस मामले से बचे हुए थे।


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