उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में आज सुबह एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। हिमाचल प्रदेश के नेरवा से पांवटा की ओर जा रही हिमाचल परिवहन की रोडवेज बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। यह घटना हरिपुर-कोटी-मीनस राजमार्ग पर क्वानू के पास हुई। हादसे के समय बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी और जैसे ही वाहन सड़क से नीचे गिरा, मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल सक्रिय हो गए। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बस में कुल 36 यात्री सवार थे जो अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी यह भीषण दुर्घटना घटित हो गई।

एसडीआरएफ ने बचाव अभियान

हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अत्यंत दुर्गम ढलान होने के बावजूद बचाव कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए खाई से घायलों को बाहर निकाला। पुलिस बल और एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे और घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग किया ताकि घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सके। सभी घायलों को विभिन्न वाहनों के माध्यम से तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया।

13 घायल उप जिला अस्पताल में भर्ती

इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें घायल हुए यात्रियों को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है। वर्तमान में 13 घायल यात्री उप जिला अस्पताल में भर्ती हैं जहाँ उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त दस घायलों का उपचार हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल में चल रहा है। तीन यात्रियों को पांवटा साहिब स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया है और एक गंभीर घायल का उपचार ग्राफिक एरा अस्पताल में किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने में जुटी है। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

सीएम ने जताया दुख

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट से फोन पर बात कर राहत कार्यों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और पुलिस को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि घायलों की स्थिति गंभीर होती है, तो उन्हें एयरलिफ्ट कर बड़े मेडिकल सेंटर्स में शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की और प्रशासन को हर संभव मदद के लिए तैयार रहने को कहा है।


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