पवित्र माघ माह के उपलक्ष्य में सीमांत क्षेत्र खटीमा के ऐतिहासिक ब्रह्मदेव मंदिर परिसर में भव्य खिचड़ी भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और बाबा ब्रह्मदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय नजर आया। माघ मास की इस परंपरा को जीवंत रखते हुए मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश भी दिया। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और लोगों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री की विकासपरक घोषणा पर हर्ष

धार्मिक आयोजन के साथ-साथ यह अवसर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी बना। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मंदिर की महत्ता को देखते हुए इसके सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला निर्माण हेतु एक करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण घोषणा की थी। इस घोषणा के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होने पर मंदिर प्रबंधन ने खुशी जाहिर की। कमेटी के सदस्यों का मानना है कि इस धनराशि से मंदिर की भव्यता में वृद्धि होगी और दूर-दराज से आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री का अपनी विधानसभा और धार्मिक स्थलों के प्रति यह लगाव क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

नगर पालिका अध्यक्ष का सम्मान और आभार प्रदर्शन

इस विकास कार्य की रूपरेखा तैयार करने और मुख्यमंत्री तक क्षेत्र की मांग प्रभावी ढंग से पहुँचाने में नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी की भूमिका सराहनीय रही। उनके प्रयासों की सराहना करते हुए ब्रह्मदेव मंदिर कमेटी ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भाटिया के नेतृत्व में उपस्थित पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और पालिका अध्यक्ष का धन्यवाद ज्ञापित किया। वक्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से ही धार्मिक स्थलों का कायाकल्प संभव हो पा रहा है। इस दौरान स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी मंदिर के विकास को लेकर अपने विचार साझा किए।

गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे। आयोजन में भाजपा के पूर्व नगर मंडल महामंत्री मनोज वाधवा सहित जगदीश चौसली, कमल चौहान और भैरव नाथ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही रमेश चंद, अनुज ठुकराती, पंकज ठुकराती और नीरू भट्ट ने भी कार्यक्रम में भागीदारी की। समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हुए राहुल सक्सेना, हेमराज रावत और रमेश ढींगरा ने भी मंदिर के विकास कार्यों की सराहना की। सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस कदम को खटीमा की सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाला प्रयास बताया और भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की अपेक्षा की।


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