झारखंड में पिछले लंबे समय से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार थम गया है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने की औपचारिक घोषणा के बाद से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे अपने संगठित प्रयास की बड़ी जीत बताया।

छात्रों का उग्र आंदोलन

​उल्लेखनीय है कि JSSC CGL परीक्षा में हुई अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर छात्र लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में अभ्यर्थी दिन-रात धरने पर बैठे रहे और निष्पक्ष जांच व परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि कड़ी मेहनत के बावजूद पारदर्शी प्रक्रिया न होने से उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था।

कैबिनेट का बड़ा फैसला


Advertisement

​बढ़ते जनदबाव और युवाओं की मांग को देखते हुए सरकार ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद परीक्षा को रद्द करने के निर्देश जारी किए गए। सरकार के इस कदम को युवाओं के हित में उठाया गया एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की बात भी कही गई है ताकि आगे से किसी परीक्षा में ऐसी गड़बड़ी न हो।

धरना स्थल पर राहत और संतोष का माहौल

​फैसले की सूचना मिलते ही जयपाल सिंह स्टेडियम में पिछले 23 दिनों से डटे अभ्यर्थियों के चेहरे पर राहत और संतोष की झलक देखने को मिली। पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने लद्दाख के प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत की। छात्र नेता ने सोनम वांगचुक को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि वह उनके ही अहिंसात्मक और शांतिपूर्ण सत्याग्रह से प्रेरित होकर इतने दिनों तक इस धरने पर डटे रहे। 

"हमारे सिस्टम में जो गड़बड़ी थी और जो धांधली हुई थी. उस पर कार्रवाई हुई है और जिस मकसद से हम लोग संघर्ष कर रहे थे. जान को जोखिम में डालकर आंदोलन कर रहे थे और हमारी मांगों को पूरा किया गया है. मगर इसमें खुशी की बात नहीं है क्योंकि अभी बहुत लड़ाई बाकी है. हम सरकार को भी धन्यवाद करते हैं.अभी पूरे शिक्षा प्रणाली को सुधारने को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा." : देवेंद्र नाथ महतो

आगामी परीक्षा की उम्मीद

लगातार 23 दिनों के लंबे आंदोलन और संघर्ष के बाद सरकार का यह सकारात्मक निर्णय आते ही अभ्यर्थियों ने एक-दूसरे का आभार व्यक्त किया और इसे युवाओं के अटूट धैर्य व एकजुटता की जीत बताया। अब अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि आयोग जल्द ही एक पारदर्शी व्यवस्था के तहत नई परीक्षा तिथियों की घोषणा करेगा। छात्रों ने सरकार से यह अपील भी की है कि भविष्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में शुचिता और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनका हक मिल सके।

---समाप्त---