रुद्रपुर में पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव के बीच गुरुवार को एक दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई। बीते सात जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल हुए युवा अभिषेक वाल्मीकि ने उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अभिषेक की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी और वह कई दिनों से जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहा था। उसकी मृत्यु की सूचना मिलते ही पूरे रुद्रपुर क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय निवासियों व वाल्मीकि समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सात जुलाई को हुई इस घटना के बाद अभिषेक को अत्यंत गंभीर अवस्था में राम मूर्ति जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी देखरेख कर रही थी, लेकिन कई दिनों के इलाज के बाद भी उनकी सेहत में कोई खास सुधार दर्ज नहीं किया गया। चिकित्सकों ने अभिषेक की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक मानते हुए उसे बेहतर और उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। परिजन एंबुलेंस के जरिए उसे ऋषिकेश ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अचानक उसकी तबीयत और बिगड़ गई। जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
इस पूरे मामले में परिजनों का रुख बेहद कड़ा है। परिजनों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं थी, बल्कि सात जुलाई को अभिषेक के साथ लाठी-डंडों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई थी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया था। इस घटना से आक्रोशित होकर पिछले दिनों वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग नगर निगम और कोतवाली पहुंचे थे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई थी। अब अभिषेक की मृत्यु के बाद समाज और परिजनों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर, रुद्रपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। क्षेत्र में बीते दो-तीन दिनों से पहले ही तनाव का माहौल बना हुआ था, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क था। मृत्यु की पुष्टि होते ही किसी भी संभावित अप्रिय घटना से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। उच्च पुलिस अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर गश्त कर रहे हैं और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
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