कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें आय से अधिक संपत्ति के कथित मामले में बढ़ती दिखाई दे रही हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के कड़े रुख और सख्त निर्देशों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में अपनी जांच प्रक्रिया को गति दे दी है। सीबीआई ने मामले के याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर को औपचारिक नोटिस भेजकर 10 अगस्त को नई दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में तलब किया है। याचिकाकर्ता को अपने आरोपों से संबंधित सभी साक्ष्य और दस्तावेज साथ लेकर उपस्थित होने और बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया है।

​इस कानूनी कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट का वह आदेश है, जिसमें अदालत ने सीबीआई द्वारा दाखिल की गई पिछली रिपोर्ट पर असंतोष जताया था। जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस बृज राज सिंह की पीठ ने सीबीआई को नया हलफनामा दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। अदालत ने निर्देश दिया कि यह नया जवाब संयुक्त निदेशक स्तर के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दाखिल किया जाए, जिसमें जांच की प्रगति की स्पष्ट जानकारी दी गई हो।

​मामले के बारे में पूछे जाने पर याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने सीबीआई मुख्यालय में बुलाए जाने की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने कहा कि चूंकि मामला वर्तमान में अदालत के विचाराधीन है, इसलिए वे इस समय इससे अधिक विवरण साझा नहीं कर सकते। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बंद कमरे में लगभग 2 घंटे तक गहन सुनवाई की थी।

​विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका में राहुल गांधी पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका में निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से संयुक्त जांच कराने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को करेगी।


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