यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक ऐसा भयानक हादसा हुआ जिसने हर किसी को दहला कर रख दिया। दिल्ली से महोबा जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर स्लीपर बस में जेवर टोल के पास अचानक आग लग गई। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस दिल दहला देने वाली घटना में बस के अंदर सो रहे नौ यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए हैं।
खिड़कियों से कूदे यात्री
बस में करीब पचास यात्री सवार थे और रात का वक्त होने की वजह से ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। जैसे ही बस जेवर के पास पहुंची, इंजन से अचानक तेज धुआं और लपटें उठने लगीं। चालक ने खतरे को भांपते हुए तुरंत गाड़ी को सड़क किनारे रोका और शोर मचाया। पलक झपकी ही थी कि पूरा केबिन धुएं से भर गया। जान बचाने के लिए अफरा-तफरी मच गई। करीब बीस से ज्यादा यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर नीचे छलांग लगा दी। कई लोग कूदने की वजह से चोटिल हुए, लेकिन जो लोग गहरी नींद में थे या पीछे फंसे रह गए, उन्हें बाहर निकलने का जरा भी मौका नहीं मिला।
कटर से काटकर निकाले शव
राहगीरों की सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग और एक्सप्रेसवे की राहत टीमें फौरन मौके पर दौड़ीं। आग इतनी विकराल थी कि कई दमकल गाड़ियों को लपटों पर काबू पाने में घंटों लग गए। आग बुझने के बाद अंदर का नजारा देखकर बचाव दल के भी होश उड़ गए। बस पूरी तरह जलकर कंकाल बन चुकी थी। शव बुरी तरह झुलस चुके थे, जिन्हें गैस कटर से बस की चादरें काटकर करीब पांच घंटे की भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
डीएनए जांच से होगी पहचान
शवों की हालत इतनी खराब है कि उनकी सीधे पहचान कर पाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। पुलिस अब टिकट बुकिंग लिस्ट के जरिए परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है। अफसरों का कहना है कि परिजनों के पहुंचने के बाद डीएनए मिलान कराया जाएगा, तभी मृतकों की पक्की पहचान हो सकेगी। हादसे के बाद कुछ देर के लिए एक्सप्रेसवे पर जाम के हालात बन गए थे, जिसे बाद में खुलवाया गया। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग की वजह माना जा रहा है, बाकी सही जानकारी तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
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