हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली युवती के साथ हुए सनसनीखेज सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। खाकी वर्दी को तार-तार करने वाले इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया गया है। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एडीजी रमित शर्मा और डीआईजी मुनिराज जी ने खुद अमरोहा में डेरा डालकर पूरे घटनाक्रम की कमान अपने हाथ में ले ली है। इसी बीच, जेल के भीतर से आरोपियों का एक वीडियो सामने आने और फार्म हाउस में जबरन घुसने की नई शिकायत दर्ज होने के बाद यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
डेट के बहाने मेरठ बुलाकर अमरोहा ले गए
जांच में सामने आया है कि पीड़िता की एक सहेली ने उसकी पहचान मुजफ्फरनगर के शोरम गांव निवासी मोहित से कराई थी। मोहित युवती को डेट के बहाने कार से पहले मेरठ लेकर आया। आरोप है कि मेरठ पहुंचने पर सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव (निवासी अलवर) को कार में बैठाया गया और फिर सभी अमरोहा पहुंच गए। अमरोहा में दारोगा संजय तोमर (निवासी हसनपुर) और सिपाही प्रमोद (निवासी खेड़ा मस्तान, मुजफ्फरनगर) भी इनके साथ मिल गए। इसके बाद युवती को एक विधायक के फार्म हाउस पर ले जाया गया, जहां दो कमरे लिए गए थे।
कमरा अंदर से बंद कर बचाई जान
पीड़िता का आरोप है कि फार्म हाउस के कमरे में मोहित, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव और दारोगा संजय तोमर ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसी दौरान जब सिपाही प्रमोद कमरे के भीतर घुसने लगा, तो युवती ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए उसे बाहर धकेल दिया और तुरंत अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कमरे में खुद को महफूज करने के बाद पीड़िता ने सीधे पुलिस हेल्पलाइन पर फोन लगाकर मदद की गुहार लगाई। सूचना पर तुरंत हरकत में आई पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ धर दबोचा।
जेल में बना वीडियो हुआ वायरल
गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद जेल परिसर के अंदर से बना एक वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया। इस वीडियो में चारों आरोपी एक कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। उच्च सुरक्षा वाली जेल के भीतर आरोपियों को लाइन में खड़ा कर वीडियो बनाए जाने और उसके बाहर लीक होने से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। सोशल मीडिया पर फुटेज वायरल होने के बाद आम जनता के बीच भी यह संदेश गया है कि अपराध करने वाला चाहे कितने भी बड़े ओहदे पर बैठा हो या उसकी पहुंच कितनी भी ऊंची क्यों न हो, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
होम मिनिस्ट्री की धौंस दिखाकर घुसे थे आरोपी
इस मामले में फार्म हाउस के मालिक विधायक उमेश कुमार की तरफ से भी बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास ने पुलिस को दी लिखित शिकायत में बताया कि चारों आरोपी खुद को गृह मंत्रालय (होम मिनिस्ट्री) की जांच टीम का सदस्य बताकर और रौब दिखाकर जबरन परिसर में घुसे थे। केयरटेकर की इस अलग से दी गई तहरीर के बाद पुलिस अब आरोपियों पर फर्जीवाड़ा करने, पद का दुरुपयोग करने और जबरन घुसपैठ की धाराओं में भी शिकंजा कस रही है।
बड़े अफसरों की निगरानी में जांच तेज
सुरक्षा बलों और पुलिस महकमे से जुड़े कर्मियों की इस घिनौनी करतूत के सामने आने के बाद शासन स्तर तक हलचल है। आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही सीआरपीएफ जवानों के संबंध में उनके विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है। मौके पर पहुंचे एडीजी और डीआईजी देर रात तक अमरोहा में मौजूद रहकर फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की निगरानी करते रहे। अधिकारियों का साफ कहना है कि किसी भी स्तर पर पद या रसूख को हावी नहीं होने दिया जाएगा और अदालत में मजबूत पैरवी कर सभी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
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