इंडोनेशिया के पूर्व जावा प्रांत स्थित मदुरा द्वीप के तटीय जलक्षेत्र में एक यात्री नाव यानी फेरी में अचानक भीषण आग लग गई। इस गंभीर हादसे में कम से कम पांच लोगों की जान चली गई है, जबकि दर्जनों यात्री अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
'केएमपी मटियारा सेंटोसा 2' नामक यह फेरी पूर्वी जावा के सुरबाया स्थित तंजुंग पेराक बंदरगाह से दक्षिण सुलावेसी के मकासर शहर की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान सपुदी द्वीप से कुछ समुद्री मील दूर अचानक जहाज से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते पूरी नाव आग की लपटों से घिर गई।
नाव पर ढाई सौ से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य मौजूद थे। अचानक फैली आग और धुएं के बीच अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने की जद्दोजहद में लाइफ जैकेट पहने कई यात्रियों ने समुद्र के उफनते पानी में छलांग लगा दी।
इंडोनेशियाई राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी ने तुरंत बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। नौका के कैप्टन द्वारा आपातकालीन संदेश भेजे जाने के बाद आसपास के समुद्री क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों, निजी नौकाओं और टगबोट्स को बचाव कार्य में लगाया गया।
बचाव दल ने अब तक दो सौ से अधिक लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया है, जिनमें से कुछ झुलसे हुए यात्रियों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचाया गया है। हालांकि, दर्जनों यात्रियों का अभी कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिनकी तलाश में बचाव नौकाएं और राहत कर्मी लगातार जुटे हुए हैं।
हजारों द्वीपों में फैले इंडोनेशिया में समुद्री यातायात आवाजाही का एक मुख्य साधन है। हालांकि, क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण पहले भी इस क्षेत्र में कई बड़े समुद्री हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। प्रशासन ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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