पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान खान की जेल में मौत की खबर ने अचानक पाकिस्तान से लेकर भारत तक हड़कंप मचा दिया। एक पत्रकार की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि हिरासत के दौरान इमरान खान का निधन हो गया है। हालांकि, स्थिति बिगड़ने से पहले ही पाकिस्तानी सेना ने इन खबरों का पूरी तरह से खंडन करते हुए इसे एक निराधार अफवाह करार दिया।
पत्रकार की सफाई और तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का हवाला
विवाद बढ़ने पर यह दावा करने वाले पत्रकार वजाहत सईद खान ने खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके सूत्रों ने इमरान की मौत की पुष्टि नहीं की थी। हालांकि सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी स्थिति को लेकर चिंता जरूर जाहिर की थी, लेकिन उनके पास किसी अप्रिय घटना का कोई सीधा प्रमाण नहीं था। पत्रकार ने यह भी माना कि उनकी रिपोर्ट का मुख्य मकसद सेना पर दबाव बनाना था ताकि वे इमरान खान के सुरक्षित और जीवित होने का आधिकारिक सबूत सामने रखें।
पाकिस्तानी सेना का रुख और ISPR का खंडन
खबर के तेजी से फैलने के बाद पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने तुरंत मोर्चा संभाला। सेना ने पत्रकार के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इमरान खान को लेकर उड़ाई जा रही खबरें फर्जी हैं। सेना की ओर से सार्वजनिक रूप से जवाब आने के बाद पत्रकार ने भी राहत जताई और कहा कि आखिरकार इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान सामने आ गया।
जेल में इमरान खान की स्थिति पर फिर उठे सवाल
भले ही मौत की इन खबरों पर अब विराम लग चुका हो, लेकिन इस घटना ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से सलाखों के पीछे बंद इमरान खान के समर्थक उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। बिना किसी ठोस जानकारी के ऐसी खबरों का तेजी से फैलना पाकिस्तान के संवेदनशील राजनीतिक माहौल और सूचना तंत्र की कमियों को उजागर करता है।
कई मामलों में घिरे हैं पूर्व प्रधानमंत्री
अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद से ही इमरान खान की राजनीतिक राह बेहद कांटों भरी रही है। मई 2023 में पहली गिरफ्तारी के बाद देशभर में भारी हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद अगस्त 2023 में उन्हें फिर गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वे लगातार अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। फिलहाल वे अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं।
अफवाह ने क्यों पकड़ा इतना जोर
इमरान खान की गिनती पाकिस्तान के सबसे चर्चित और प्रभावशाली नेताओं में होती है। जेल में होने के कारण उनके स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर बेहद सीमित जानकारी बाहर आ पाती है। ऐसे में किसी भी अनहोनी की खबर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो जाती है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद सेना का स्पष्टीकरण और पत्रकार की सफाई ही आधिकारिक जानकारी के रूप में सामने है।
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