इंडोनेशिया के तटीय इलाके में शनिवार तड़के आए एक बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही और दहशत का माहौल पैदा कर दिया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई, जो किसी भी तटीय इलाके को पूरी तरह हिला देने के लिए काफी है। यूरोपियन मेडिटेरेनियम सिस्मोलॉजिकल सेंटर की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र समुद्र की गहराई में लगभग 35 किलोमीटर नीचे स्थित था। जब यह भूकंप आया, तब अधिकतर लोग अपने घरों में सो रहे थे या दिन की शुरुआत कर रहे थे, लेकिन अचानक हुई तेज़ हलचल ने सबको सकते में डाल दिया। झटके इतने भीषण थे कि इमारतों की दीवारें दरकने लगीं और तटीय इलाकों में रहने वाले लोग तुरंत सुरक्षा के लिए खुले मैदानों और सड़कों की तरफ भागने लगे।Video source: Social media

सुनामी का अलर्ट और खतरनाक लहरें

​भूकंप के तुरंत बाद ही तटीय और निचले इलाकों के लिए प्रशासन ने आपातकालीन सुनामी अलर्ट जारी कर दिया। नेशनल जियोफिजिक्स एजेंसी की प्राथमिक रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में असामान्य और भयानक हलचल शुरू हो गई थी। देखते ही देखते कई तटीय इलाकों में करीब एक मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठने लगीं। नेशनल डिज़ास्टर मिटिगेशन एजेंसी की प्रवक्ता डोडी युलेओवा ने स्थिति की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि समुद्र के पास बसे कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की खबरें हैं। विशेष रूप से नागेकेओ और बिमा जैसे क्षेत्रों में झटके लगातार एक मिनट से अधिक समय तक महसूस किए गए, जिससे कई बहुमंजिला इमारतों में भयानक कंपन देखने को मिला और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास भागते नजर आए।Video source: Social media

आफ्टरशॉक्स का बढ़ता खतरा

​स्थानीय मौसम एवं भूगर्भ एजेंसी बीएमकेजी ने शनिवार सुबह 4:58 बजे पहला मुख्य और भयानक भूकंप दर्ज किया था। इसके तुरंत बाद ही तटीय और आसपास के द्वीपों पर झटकों का सिलसिला थमा नहीं और एक के बाद एक कई आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटके महसूस किए गए। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य भूकंप के बाद अब तक कम से कम तीन बड़े और तेज़ ऑफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। राहत और बचाव दल का कहना है कि लगातार आ रहे इन झटकों के कारण पुरानी और कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। लोगों के मन में अभी भी तबाही का भारी खौफ बना हुआ है और बहुत से लोग सरकारी चेतावनियों के बाद अपने घरों को छोड़कर ऊंचे पहाड़ी इलाकों की शरण ले रहे हैं।Video source: Social media

'रिंग ऑफ फायर' की भौगोलिक तबाही


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​इंडोनेशिया में इस तरह के भयंकर भूकंप और सुनामी की आपदाएं कोई नई बात नहीं हैं। लगभग 17,000 से अधिक छोटे-बड़े द्वीपों से मिलकर बना यह विशाल देश दुनिया के सबसे संवेदनशील भूगर्भीय क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है। प्रशांत महासागर का यह इलाका अत्यधिक सक्रिय ज्वालामुखियों, टेक्टोनिक प्लेटों के घर्षण और प्रमुख फॉल्ट लाइन्स से पूरी तरह घिरा हुआ है। इसी जटिल भौगोलिक स्थिति के कारण यहां अक्सर भूगर्भीय प्लेटें आपस में टकराती रहती हैं, जिससे लगातार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी प्राकृतिक घटनाएं होती हैं। इससे पहले इसी साल बीते जुलाई के महीने में भी इंडोनेशिया में 6.2 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप आया था, जिसने तटीय इलाकों में काफी नुकसान पहुंचाया था। फिलहाल राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में मुस्तैद हैं।

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