अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में हाल ही में एक बेहद असामान्य और ध्यान खींचने वाली घटना घटित हुई है। प्रसिद्ध उद्योगपति एलोन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का एक विशालकाय रॉकेट बूस्टर चंद्रमा की सतह से जा टकराया। यह बूस्टर कई वर्षों पहले एक अंतरिक्ष मिशन के तहत लॉन्च किया गया था, लेकिन अपना काम पूरा करने के बाद यह अंतरिक्ष के विशाल शून्य में लावारिस छोड़ दिया गया था। लगभग चार हजार किलोग्राम का यह भारी-भरकम हिस्सा बीते लंबे समय से बिना किसी नियंत्रण के अंतरिक्ष में घूम रहा था, जिसकी लगातार निगरानी दुनिया भर के खगोलविदों द्वारा की जा रही थी।

​वैज्ञानिकों के अनुसार, अंतरिक्ष में भटकते हुए इस रॉकेट बूस्टर पर पृथ्वी और चंद्रमा दोनों के गुरुत्वाकर्षण बलों का असर पड़ रहा था। आखिरकार, चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल इस पर भारी पड़ा और इसने बूस्टर को अपनी ओर खींच लिया। यह टुकड़ा लगभग 8690 किलोमीटर प्रति घंटे की अत्यधिक तीव्र रफ्तार से चंद्रमा के उस हिस्से से टकराया, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता है। इस टक्कर का प्रभाव इतना जोरदार था कि चंद्रमा की सतह पर एक नया और गहरा गड्ढा बनने का अनुमान लगाया गया है।

​यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि यह मानव इतिहास में पहली बार देखा गया जब अंतरिक्ष में फैला कोई कचरा अनायास ही किसी अन्य खगोलीय पिंड की सतह पर इस तरह दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो। इस घटना ने एक बार फिर वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष एजेंसियों के सामने 'स्पेस जंक' यानी अंतरिक्ष में जमा हो रहे कचरे की गंभीर समस्या को लाकर खड़ा कर दिया है। वर्तमान में विभिन्न देशों और निजी कंपनियों द्वारा हजारों की संख्या में उपग्रह और रॉकेट लॉन्च किए जा रहे हैं, जिनके पुराने हिस्से अंतरिक्ष में ही तैरते रहते हैं।

​हालाँकि इस दुर्घटना से चंद्रमा या पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है, लेकिन इसने भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। वैज्ञानिक इस बात पर शोध कर रहे हैं कि इस प्रकार की टक्कर से चंद्रमा की सतह की मिट्टी और चट्टानों पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह घटना भविष्य में अंतरिक्ष कचरे के प्रबंधन और पुराने रॉकेटों को सुरक्षित रूप से नष्ट करने के नियमों को और सख्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।


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