यमन में जारी गृहयुद्ध के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। सेंट्रल यमन स्थित सैन्य शिविरों पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए भीषण हमलों में यमन की सरकारी सेना के कम से कम 30 जवानों के मारे जाने की सूचना है। हाल के वर्षों में दोनों पक्षों के बीच हुई सीधी लड़ाई में इसे सबसे घातक और विनाशकारी हमलों में से एक माना जा रहा है। इस अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह हमला गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 10:40 बजे हुआ। मारिब और हदरामौत प्रांतों में मौजूद कई सैन्य शिविरों को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और हथियारों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में कई अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। आधिकारिक रूप से मृतकों का अंतिम आंकड़ा जारी न करते हुए रक्षा मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों की इस आक्रामक कार्रवाई को विश्वासघाती करार दिया है और स्पष्ट किया है कि इसका माकूल जवाब उचित समय और स्थान पर दिया जाएगा।
दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर अपना दबदबा रखने वाले हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि उन्होंने उन सऊदी सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाया है जो उनके खिलाफ नए सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे थे। गौरतलब है कि यमन गृहयुद्ध में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी सेना का लगातार समर्थन करता आ रहा है।
इस घटना के साथ ही एक अन्य हमले की खबर भी सामने आई है। सऊदी अरब के नजरान सीमा क्षेत्र में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में 11 नागरिक घायल हो गए। गठबंधन के प्रवक्ता के मुताबिक घायलों में सात सऊदी नागरिक शामिल हैं, जिनमें एक महिला और चार साल का बच्चा भी है। इसके अलावा यमन, पाकिस्तान और मिस्र के निवासी भी इस हमले की चपेट में आकर घायल हुए हैं। इस नए घटनाक्रम से पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है।
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