नैनीताल स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय में काशीपुर के पैगा निवासी सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले को लेकर दायर याचिका पर अब शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी। इस मामले में आरोपी कुलविंदर सिंह और अन्य ने अदालत से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। गुरुवार को न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ के समक्ष हुई कार्यवाही के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संवेदनशील प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अब इसे स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ को सौंप दिया गया है। इस पूरी जांच का नेतृत्व अनुभवी आईपीएस अधिकारी नीलेश आनंद भरणे करेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो बीते शनिवार को काशीपुर के निवासी सुखवंत सिंह ने गौलापार के एक होटल में खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व मृतक ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने ऊधमसिंह नगर के तत्कालीन एसएसपी, स्थानीय चौकी प्रभारी और कुछ प्रॉपर्टी डीलरों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही क्षेत्र में काफी तनाव व्याप्त है और परिजनों में गहरा रोष देखा जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि फिलहाल हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है, इसलिए पुलिस और एसटीएफ के पास जांच के दौरान आरोपियों को हिरासत में लेने का अधिकार सुरक्षित है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी से परिजनों और स्थानीय लोगों के आक्रोश को शांत करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल सभी की नजरें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत एसटीएफ की प्रगति और आरोपियों की राहत पर अपना रुख स्पष्ट करेगी।
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