रोहतक के हसनगढ़ गांव में 28 दिसंबर की सर्द रात को जब सन्नाटा पसरा था, तब एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया। 50 वर्षीय गुलाब सिंह, जो मेहनत-मजदूरी कर ढाबा चलाता था, अपनी बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस घर की दहलीज पर वह कदम रखने वाला है, वहीं उसके कत्ल का फरमान जारी हो चुका है। रास्ते में घात लगाए बैठे हमलावरों ने धारदार हथियारों से गुलाब सिंह पर हमला बोल दिया। हमला इतना बर्बर था कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सुबह जब शव मिला तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, लेकिन पुलिस को शुरुआती जांच में यह केवल एक अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई हत्या लग रही थी।
किराएदार से इश्क और घर में छिपी साजिश की परतें
जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, शक की सुई घर के भीतर ही घूमने लगी। गुलाब सिंह ने अपने घर के पास बने कमरों को किराए पर दिया हुआ था, जहां उत्तर प्रदेश के हाथरस का रहने वाला रॉकी निवास करता था। रॉकी और गुलाब सिंह की बेटी खुशबू के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत का सिलसिला शुरू हो चुका था। जब गुलाब सिंह को इस बात की भनक लगी, तो उसने एक पिता के तौर पर बेटी को फटकार लगाई और रॉकी को सख्त चेतावनी दी। यही वह मोड़ था जहां से एक पिता का संरक्षण बेटी को अपनी आजादी में बाधा लगने लगा। पुलिस ने जब रॉकी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली, तो कड़ियां जुडती चली गईं। फरार रॉकी के फोन कॉल्स लगातार मृतक की पत्नी रितू और बेटी खुशबू से हो रहे थे।
नफरत और जुनून का संगम: रिमांड पर टूटे कातिलों के हौसले
सोनीपत के खरखौदा से जब पुलिस ने रॉकी को दबोचा, तो उसने जो राज उगले, उन्हें सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। रॉकी ने स्वीकार किया कि उसने खुशबू और रितू के कहने पर ही गुलाब सिंह के सीने में खंजर उतारा था। वहीं, पुलिस हिरासत में मृतक की पत्नी रितू ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि पति की आए दिन की मारपीट और टोका-टाकी से वह तंग आ चुकी थी। बेटी का प्रेमी के प्रति जुनून और मां की अपने पति के प्रति नफरत ने मिलकर एक ऐसी साजिश रची, जिसमें एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिए हैं और अब ये तीनों आरोपी सलाखों के पीछे अपने किए का हिसाब दे रहे हैं।
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