बिहार के दरभंगा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज के हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है। भालपट्टी थाना क्षेत्र के फजला गांव में एक पिता ही अपने बच्चे का काल बन गया। महज डेढ़ साल का मासूम राघव कुमार, जो अभी ठीक से बोलना भी नहीं सीखा था, अपने ही पिता की नफरत और प्रतिशोध की बलि चढ़ गया। 

बेवफाई की आग ने ली मासूम की बलि

यह घटना महज एक हत्या नहीं बल्कि रिश्तों के कत्ल की वह खौफनाक कहानी है जहां एक इंसान अपनी पत्नी से मिले धोखे के बाद इतना अंधा हो गया कि उसे अपने ही खून की चीखें सुनाई नहीं दीं। वारदात का तरीका इतना क्रूर था कि सुनकर रूह कांप जाए। आरोपी पिता चंदन सहनी ने अपने मासूम बेटे को बिस्कुट खिलाने का झांसा देकर घर से बाहर निकाला। घर से महज कुछ ही दूरी पर स्थित एक पानी से भरे गड्ढे के पास ले जाकर उसने बच्चे को पानी में पटक दिया। हैवानियत की हद तो तब हो गई जब उसने बच्चे को बाहर निकलने से रोकने के लिए उसके ऊपर अपना पैर रख दिया। जब तक आस-पास के लोग बच्चे की चीखें सुनकर वहां पहुंचे और उसे बचाने की कोशिश की, तब तक मासूम राघव की सांसें थम चुकी थीं। जिस पिता के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही उसकी जान का दुश्मन बन बैठा।

टूटे रिश्तों का खौफनाक अंजाम

इस पूरी त्रासदी के पीछे की वजह पत्नी की बेवफाई और टूटे हुए वैवाहिक जीवन की कुंठा बताई जा रही है। चंदन हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करता था जहां उसकी पत्नी का पिछले काफी समय से किसी और के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। तीन महीने पहले जब पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ दूसरी शादी कर ली, तो चंदन पूरी तरह टूट गया। वह अपने दोनों बच्चों को लेकर गांव लौट आया था। समाज में हुई बदनामी और पत्नी के जाने का दुख उसके भीतर ज्वालामुखी की तरह सुलग रहा था। वह अपनी पत्नी को सजा देना चाहता था लेकिन उसने उस बच्चे को मौत के घाट उतार दिया जिसका इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं था।

सलाखों के पीछे पहुंचा कातिल पिता

घटना की सूचना मिलने के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता चंदन सहनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बिना किसी पछतावे के अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गांव वाले इस बात से भी डरे हुए हैं कि चंदन की एक आठ साल की बेटी भी है जो उस समय खुशकिस्मती से वहां मौजूद नहीं थी, वरना वह भी इस उन्माद का शिकार हो सकती थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन यह सवाल अब भी खड़ा है कि किसी और की गलती की सजा एक मासूम को अपनी जान देकर क्यों भुगतनी पड़ी।


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