- चीख-पुकार के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन
- कीचड़ में फिसलकर मौत की खाई में समाई निजी बस
श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार में गुरुवार दोपहर करीब 3:00 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब यात्रियों से भरी जीत कोच बस अचानक अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे लुढ़क गई। बस नंबर एचपी64-6667 अपने गंतव्य की ओर जा रही थी कि अचानक एक तीखे मोड़ पर सड़क पर फिसलन होने के कारण चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। देखते ही देखते बस करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खाई की गहराई अधिक होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
खराब सड़क और पाला बना काल
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार दुर्घटना वाली जगह पर सड़क की हालत बेहद खस्ता थी। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण भारी पाला पड़ा था, जिससे सड़क पर जमा पानी कीचड़ में तब्दील हो चुका था। जैसे ही बस इन गड्ढों और कीचड़ के संपर्क में आई, वह बुरी तरह फिसल गई। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि इतने खतरनाक मोड़ पर सड़क किनारे कोई पैराफिट या सुरक्षा दीवार नहीं बनी थी। यदि वहां सुरक्षा घेरा होता, तो बस को खाई में गिरने से रोका जा सकता था। फिसलन इतनी अधिक थी कि चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और बस सीधे काल के ग्रास में समा गई।
राहत एवं बचाव कार्य की स्थिति
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। खाई से शवों और घायलों को निकालने के लिए स्थानीय युवाओं ने कड़ी मशक्कत की। मलबे में तब्दील हो चुकी बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक हादसे में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां से गंभीर रूप से घायल मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है। समूचे क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्रशासनिक जांच और वाहनों के दस्तावेज
हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल ने बस के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में पाया गया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के सभी कागजात मुकम्मल थे। बस का परमिट जुलाई 2029 तक वैध है और इसकी फिटनेस व इंश्योरेंस भी फरवरी 2026 तक सक्रिय है। बस की कुल क्षमता चालक और परिचालक समेत 39 सीटों की थी। विभाग ने दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक तकनीकी टीम को मौके पर रवाना कर दिया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या यह पूरी तरह से सड़क की स्थिति के कारण हुआ हादसा है या इसमें कोई मानवीय चूक भी शामिल थी
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