उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस के खौफ का एक अनोखा नजारा देखने को मिला है। चर्चित दीपक हत्याकांड में महीनों से फरार चल रहे दो शातिर बदमाशों ने आखिरकार पुलिस के सख्त तेवरों के आगे घुटने टेक दिए। गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे दोनों आरोपी खुद चलकर हापुड़ नगर कोतवाली पहुंचे और आत्मसमर्पण कर दिया।
कोतवाली पहुंचे दोनों आरोपियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि वे अब कभी अपराध नहीं करेंगे और उन्हें पुलिस एनकाउंटर का डर सता रहा है। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी भी बदमाशों को इस तरह सरेंडर करते देख एक पल के लिए हैरान रह गए। दोनों ने गिड़गिड़ाते हुए पुलिस के सामने सरेंडर की गुहार लगाई और कहा कि वे कानून का सामना करने को तैयार हैं, बस उन्हें बख्श दिया जाए।
घटना वाले दिन पीड़ित दीपक अपने किसी काम से बाजार की तरफ निकला था। तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। पुरानी रंजिश और आपसी कहासुनी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने आपा खो दिया। इसके बाद आरोपियों ने तमंचा निकालकर दीपक पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से दीपक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि दोनों आरोपी मौके पर मची अफरातफरी का फायदा उठाकर हथियार लहराते हुए फरार हो गए थे।
तब से ही दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर चल रहे थे। पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी और उनके करीबियों पर भी नजर रखी जा रही थी। पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही छापेमारी के कारण आरोपियों के पास छिपने की कोई जगह नहीं बची थी। उन्हें डर था कि अगर वे पुलिस के हत्थे चढ़े तो एनकाउंटर हो सकता है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही इन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। इलाके में इस घटना की चर्चा जोरों पर है कि किस तरह पुलिस के खौफ से अपराधियों ने खुद थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
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