राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रगति मैदान के भारत मंडपम में दुनिया के बड़े-बड़े नेता पहुंचना शुरू हो चुकें हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का दिल्ली उतरते ही शानदार स्वागत किया गया। पूरे लुटियंस जोन को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है और चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा है।
पीएम ने की रूसी राष्ट्रपति अलग बैठक
सम्मेलन की आधिकारिक बैठकों के बीच नेताओं की आपस में मुलाकातें भी जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलग से बैठक की। इस बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार, बिजली-ऊर्जा, सुरक्षा और आपसी तालमेल बढ़ाने पर लंबी चर्चा हुई। बातचीत के दौरान एक सुखद पल तब आया जब पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को महान तमिल संत तिरुवल्लुवर की किताब 'तिरुक्कुरल' का रूसी भाषा में हुआ अनुवाद तोहफे में दिया।
आपसी कारोबार आसान बनाने की पहल
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स से जुड़े देश आज दुनिया की करीब आधी आबादी और 40 फीसदी अर्थव्यवस्था संभालते हैं। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को आपस में लेन-देन और व्यापार के रास्ते में आने वाली रुकावटों को जल्द खत्म करना चाहिए। वहीं रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी साफ कहा कि अब दुनिया के बाजार में नए और उभरते देशों का दबदबा बढ़ रहा है, इसलिए सभी को निष्पक्ष मौका मिलना चाहिए।
राजधानी में बेहद सख्त रही सुरक्षा व्यवस्था
नेताओं की आवाजाही को देखते हुए पूरी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। प्रगति मैदान और आसपास के रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस बल और एनएसजी कमांडो तैनात हैं। आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए कई रास्तों पर रूट बदला गया है। दो दिनों तक चलने वाले इस महासम्मेलन में डिजिटल करेंसी और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।
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