उत्तराखंड के हल्द्वानी में बड़ी बहन से झगड़कर घर से निकली पंद्रह साल की नाबालिग लड़की को दो युवकों की दरिंदगी का शिकार होना पड़ा। इस अमानवीय घटना ने एक बार फिर समाज और परिवार दोनों के स्तर पर गहरे आत्ममंथन की जरूरत को रेखांकित किया है। जहाँ एक तरफ घर से रूठकर निकली बच्ची की सुरक्षा भगवान भरोसे थी, वहीं दूसरी तरफ समाज में घूम रहे भेड़ियों ने उसकी इस मजबूरी का फायदा उठाकर घृणित कृत्य किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भले ही आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया हो, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित नाबालिग लड़की अपनी बड़ी बहन से किसी बात पर विवाद हो जाने के बाद गुस्से में घर से बाहर निकल आई थी। वह अकेली और डरी हुई अवस्था में हल्द्वानी की सड़कों पर भटक रही थी। इसी दौरान विक्रम सिंह और सौरभ बिष्ट नाम के दो युवकों की नजर इस अकेली लड़की पर पड़ी। आरोपियों ने उसकी लाचारी और मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए उसे अपनी कार में बिठा लिया और सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी को अंजाम दिया।

​वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पीड़िता को डरा-धमकाकर मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह हिम्मत जुटाकर घर पहुंची पीड़िता ने आपबीती अपने परिजनों को बताई, जिसके बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत एक्शन लेते हुए नैनीताल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

​इस अंधेरे मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने तकनीकी मदद और इलाके के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और जाल बिछाकर दोनों मुख्य आरोपियों विक्रम सिंह जो कि हरिपुरनायक कुसुमखेड़ा का रहने वाला है और सौरभ बिष्ट जो त्रिलोकपुर दानी गौलापार का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है और उन्हें जेल भेज दिया गया है।


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