गुजरात के राजकोट जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां सोशल मीडिया पर हुई चर्चा और लोक-लाज के डर ने एक 18 साल के मासूम युवक की जान ले ली। यह पूरा मामला गोंडल तहसील का है, जहां एक अजीबोगरीब शारीरिक दुर्घटना के बाद युवक को समाज का सामना करना भारी लगने लगा था। बीती 12 जनवरी को एक कच्चे नारियल में युवक का गुप्तांग फंस जाने की वजह से वह बुरी तरह घायल हो गया था। स्थिति इतनी भयावह थी कि उसे प्राथमिक उपचार के बाद राजकोट और फिर अहमदाबाद के बड़े अस्पताल में स्थानांतरित करना पड़ा। करीब दस दिनों तक चले लंबे और दर्दनाक इलाज के बाद जब वह घर लौटा, तो उसे शारीरिक पीड़ा से कहीं अधिक मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

अपराधबोध और मानसिक तनाव का अंत

​अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जब युवक वापस गोंडल आया, तो उसने देखा कि उसके साथ हुई दुर्घटना की चर्चा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जोरों से हो रही थी। समाज में हंसी का पात्र बनने और इस बदनामी के बोझ को वह सहन नहीं कर पाया। लगातार बढ़ते मानसिक तनाव और लोक-निंदा के डर ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। घर के भीतर ही उसने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना बताती है कि किस तरह सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे की गई चर्चाएं किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को इस हद तक प्रभावित कर सकती हैं कि वह आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो जाए।

शव दफनाने के पीछे की अजीब कहानी


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​युवक की आत्महत्या के बाद कहानी में एक और सनसनीखेज मोड़ आया। युवक के जीजा ने कानून को सूचना देने के बजाय उसके शव को घर के पीछे के आंगन में ही गड्ढा खोदकर दफना दिया। जब पुलिस ने इस बारे में सख्ती से पूछताछ की, तो जीजा ने एक भावुक दलील दी। उसने बताया कि उसकी पत्नी, जो कि मृतक की बहन है, लंबे समय से बीमार चल रही थी। उसे डर था कि अगर उसकी पत्नी को अपने इकलौते भाई की मौत की खबर मिलेगी, तो वह यह गहरा सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएगी और उसकी भी जान जा सकती है। अपनी पत्नी को बचाने के चक्कर में उसने साले के शव को चुपचाप जमीन में दफन कर दिया और किसी को कानों-कान खबर नहीं होने दी।

पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच

​इस राज का खुलासा तब हुआ जब मृतक की बहन बार-बार अपने भाई के बारे में पूछने लगी और जीजा के लिए झूठ बोलना मुश्किल हो गया। घबराहट में उसने अपने एक मित्र को पूरी सच्चाई बताई, जिसकी सलाह पर उसने अंततः पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने कार्यपालक मजिस्ट्रेट की निगरानी में घर के पीछे खुदाई करवाकर शव को बाहर निकाला। फिलहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है। युवक के जीजा को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह केवल आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है। मौत की असल वजह जानने के लिए शव को फॉरेंसिक पोस्टमार्टम के लिए राजकोट भेज दिया गया है।

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