लखनऊ: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि त्रुटि रहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करने के लिए गणना फॉर्म (Enumeration Form) जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। इस महत्त्वपूर्ण समय सीमा को देखते हुए, पात्र नागरिकों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई पूरी करने की सलाह दी गई है।

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​अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 11 दिसंबर के बाद, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटाने या विवरण में सुधार करने से संबंधित किसी भी फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह समय सीमा विशेष रूप से उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, या वे नागरिक जिनके विवरण में त्रुटियाँ हैं और उन्हें सुधार की आवश्यकता है।

प्रकाशन की विस्तृत समयरेखा


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​पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत, मतदाता सूची प्रकाशन की पूरी समयरेखा निर्धारित कर दी गई है। सबसे पहले, प्रारूप मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) का प्रकाशन 16 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। यह सूची सार्वजनिक निरीक्षण के लिए सभी मतदान केंद्रों और जिला निर्वाचन कार्यालयों में उपलब्ध रहेगी।

​प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद, नागरिकों को अपने विवरणों की जाँच करने और किसी भी विसंगति पर दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने का अवसर मिलेगा। दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की यह अवधि 16 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान, यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है, या किसी मौजूदा प्रविष्टि पर आपत्ति है, तो वह संबंधित वैधानिक फॉर्म भरकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

​सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर करने के बाद, 14 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। यह अंतिम सूची आगामी सभी चुनावों के लिए आधार का काम करेगी।

​मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें। बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक घर का दौरा कर शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे।

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