मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले में एक सनसनीखेज़ घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता ने बीमा राशि हासिल करने के लालच में अपने ही बेटे की हत्या की साज़िश रच डाली। मृतक बेटे के नाम पर 2.10 करोड़ रुपये का दुर्घटना बीमा था, जिसे पाने के लिए पिता ने कथित तौर पर साढ़े तीन लाख रुपये की सुपारी देकर हत्यारों को काम पर लगाया। हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

घटना और पुलिस जाँच
मामला 26 नवंबर का है, जब मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवक का शव मिला था। शुरू में पुलिस ने इसे दुर्घटना माना। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि युवक की मौत किसी भारी वस्तु से सिर पर वार किए जाने के कारण हुई थी। बाद में शव की पहचान बहजोई निवासी 30 वर्षीय अनिकेत शर्मा के रूप में हुई।
पिता पर गहराया शक
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अनिकेत के पिता, बाबूराम शर्मा, के पास पहुँची। बाबूराम लगातार इसे दुर्घटना बताते रहे, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। गहन जाँच में पुलिस को पता चला कि अनिकेत के नाम पर 2.10 करोड़ रुपये का एक्सीडेंटल बीमा था, जिसकी जानकारी बाबूराम पुलिस से छिपा रहे थे। सख्ती से पूछताछ करने पर बाबूराम टूट गए और उन्होंने पूरी साज़िश का खुलासा कर दिया।
बीमा की साज़िश
बाबूराम ने पूछताछ में बताया कि अनिकेत की शराब पीने की आदत के कारण वह घर में आए दिन हंगामा करता था, जिससे वह परेशान था। उसने यह बात अपने परिचित अधिवक्ता आदेश कुमार को बताई। अधिवक्ता आदेश ने ही अनिकेत का स्थायी इलाज करने का सुझाव देते हुए, जनवरी 2024 में उसका बैंक खाता खुलवाया और उसके नाम पर 2.10 करोड़ रुपये का बीमा करा दिया। बाबूराम को यह बताया गया था कि बीमा केवल 25 लाख रुपये का है।
सुपारी देकर हत्या
इसके बाद, अधिवक्ता आदेश ने बाबूराम को बीमा क्लेम के लिए बेटे की हत्या के लिए उकसाया। 25 लाख रुपये की राशि का लालच देकर बाबूराम ने रामपुर के असलम उर्फ सुल्तान को 3.5 लाख रुपये की सुपारी दी। असलम ने अपने साथियों तहब्बुर मैवाती और साजिद के साथ मिलकर लोहे की रॉड से अनिकेत के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को सड़क किनारे फेंक दिया ताकि यह एक दुर्घटना लगे।
छह आरोपी, चार गिरफ्तार
मुरादाबाद पुलिस ने साज़िश में शामिल पिता बाबूराम, और सुपारी लेकर हत्या करने वाले असलम उर्फ सुल्तान, तहब्बुर मैवाती, और साजिद को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड अधिवक्ता आदेश कुमार और उसका साथी विजयपाल सिंह अभी भी फरार हैं। पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
एसपी ग्रामीण कुंवर आकाश ने पुष्टि की कि यह पूरा मामला बीमा क्लेम के लालच में रची गई सुनियोजित साज़िश का परिणाम है, जिसे गहन जाँच के बाद बेनकाब किया जा सका।
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