देहरादून के कोतवाली नगर क्षेत्र में युवती के साथ हुई जघन्य वारदात के बाद पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में नजर आ रहा है। पुलिस मुख्यालय के कड़े रुख के बीच जांच अधिकारी आईपीएस विशाखा अशोक भदाणे ने स्वयं धरातल पर उतरकर मामले की कमान संभाली है। उन्होंने घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और उन तमाम परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जिनके बीच इस भयावह घटना को अंजाम दिया गया। अपनी जांच के दौरान उन्होंने सबसे पहले शोकाकुल परिवार के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया। परिवार के सदस्यों ने अपनी बात जांच अधिकारी के सामने रखी, जिसे उन्होंने पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और उनके आधिकारिक बयान दर्ज किए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी तरह से पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित होगी, ताकि किसी भी दोषी को कानून की पकड़ से बचने का मौका न मिले।
कोतवाली और खुड़बुड़ा चौकी के रिकॉर्ड्स खंगाले
जांच की कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए आईपीएस विशाखा अशोक भदाणे ने कोतवाली नगर और खुड़बुड़ा चौकी का सघन दौरा किया। वहां उन्होंने घटना से जुड़े दस्तावेजों और पुलिस डायरी का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस का रिस्पॉन्स कैसा था और रिकॉर्ड्स में दर्ज जानकारियां कितनी सटीक हैं। जांच अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी गहराई से समीक्षा की जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर पुलिसकर्मी की लापरवाही, सूचना के प्रति उदासीनता या कार्य में शिथिलता पाई गई, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कोशिश है कि इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए हर पहलू को स्पष्ट किया जाए।
महिला सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
महिला सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आईपीएस विशाखा अशोक भदाणे ने कहा कि समाज में महिलाओं का सुरक्षित महसूस करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं, उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने बताया कि इस संवेदनशील प्रकरण को लेकर पुलिस मुख्यालय भी पूरी तरह सक्रिय है और इसकी पल-पल की निगरानी की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य है कि जांच के दौरान किसी भी साक्ष्य या गवाह को नजरअंदाज न किया जाए। आईपीएस विशाखा भदाणे ने अपनी समीक्षा रिपोर्ट में उन तकनीकी पहलुओं को भी शामिल किया है जो जांच को मजबूत बनाने में सहायक होंगे। पुलिस की विभिन्न टीमें अब उन साक्ष्यों को संगठित करने में जुटी हैं जो अदालत में अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए आवश्यक हैं। विभाग का संकल्प है कि इस पूरे मामले को जल्द से जल्द तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाए।
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