उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक भाजपा नेता और एक अधिवक्ता की जहरीला पदार्थ पीने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता ढिल्लू सिंह राणा और अधिवक्ता मलकीत सिंह राणा अपने एक अन्य साथी अधिवक्ता प्रवेश मौर्य के साथ एक विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। समारोह से वापस लौटते समय यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया है और क्षेत्र के लोगों में शोक के साथ-साथ भारी रोष भी देखा जा रहा है। जैसे ही इस घटना की खबर फैली, भारी संख्या में लोग और राजनीतिक कार्यकर्ता मौके पर एकत्र होने लगे।

विवाह समारोह से वापसी और जहरीला पदार्थ

​घटना के विवरण के अनुसार, तीनों व्यक्ति ग्राम सेजना के पास एक वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कंजाबाग स्थित एक शराब भट्टी से शराब की बोतल खरीदी और जानकी मंडप के पास बैठकर उसका सेवन करने लगे। बताया जा रहा है कि शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थानीय लोगों और परिजनों को जब इसकी भनक लगी तो आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान भाजपा नेता ढिल्लू सिंह राणा और अधिवक्ता मलकीत सिंह राणा ने दम तोड़ दिया, जबकि प्रवेश मौर्य का उपचार अभी भी जारी है।

साजिश की आशंका और पुलिसिया तफ्तीश

​इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह बोतल है जो घटनास्थल से बरामद हुई है। सूत्रों का कहना है कि जिस स्थान पर ये तीनों बैठकर शराब पी रहे थे, वहां पानी की बोतल के बजाय किसी जहरीले पदार्थ की बोतल मिली है। इसी बिंदु ने मामले को संदिग्ध बना दिया है और अब इसमें किसी बड़ी साजिश या फिर बेहद गंभीर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें सूचना मिलते ही सक्रिय हो गई हैं और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभावित एंगल से मामले की पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जहरीला पदार्थ वहां कैसे पहुंचा।

फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम का इंतजार

​वर्तमान में पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। इसके साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और बोतलों को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। स्थानीय पुलिस शराब भट्टी के सीसीटीवी फुटेज और मृतकों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाल रही है ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जब तक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक क्षेत्र में तनाव और रहस्य का माहौल बना हुआ है।


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