सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पिछले कुछ दिनों से देशव्यापी विमर्श का केंद्र बनी 'कॉकरोच जनता पार्टी' पर आखिरकार बड़ी प्रशासनिक और कानूनी गाज गिर गई है। इस चर्चित पैरोडी और डिजिटल आंदोलन के आधिकारिक एक्स हैंडल को भारत में पूरी तरह से प्रतिबंधित यानी विदहेल्ड कर दिया गया है। भारत में अब जब भी कोई यूजर इस अकाउंट को खोलने का प्रयास करता है, तो स्क्रीन पर साफ तौर पर यह संदेश दिखाई देता है कि एक कानूनी मांग के अनुपालन में इस अकाउंट को भारतीय सीमाओं के भीतर रोक दिया गया है। इंटरनेट की दुनिया में बेहद कम समय में स्थापित राजनीतिक दलों को टक्कर देने वाले इस डिजिटल मूवमेंट पर हुई इस कार्रवाई ने अभिव्यक्ति की आजादी और सोशल मीडिया सेंसरशिप को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इस कार्रवाई के बाद से ही डिजिटल एक्टिविस्ट्स और युवाओं के बीच भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
अदालती टिप्पणी से शुरू हुआ था सोशल मीडिया का यह अनूठा संग्राम
इस पूरे विवाद और डिजिटल क्रांति की पटकथा एक अदालती सुनवाई के दौरान लिखी गई थी। देश की शीर्ष अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स के संदर्भ में एक कड़वी टिप्पणी सामने आई थी, जिसे इंटरनेट यूजर्स ने अपने आत्मसम्मान पर चोट माना। हालांकि बाद में इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया कि वह बात केवल फर्जी डिग्री धारकों के लिए थी, लेकिन तब तक सोशल मीडिया का पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। इसी गुस्से को एक रचनात्मक और व्यंग्यात्मक रूप देने के लिए राजनीतिक रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने इस पैरोडी आंदोलन की शुरुआत की थी। देखते ही देखते देश भर के लाखों युवाओं ने खुद को इस मुहिम से जोड़ लिया और इसे एक डिजिटल राजनीतिक दल का रूप दे दिया जो सीधे तौर पर व्यवस्था से तीखे सवाल पूछ रहा था।
प्रतिबंध के बावजूद नहीं थमा हौसला और इंस्टाग्राम पर दिखा दम
एक्स अकाउंट पर बैन लगने के तुरंत बाद इस आंदोलन के सूत्रधारों ने इसे दबाने की कोशिश करार दिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह संदेश प्रसारित किया गया कि जनता की आवाज और तीखे सवालों से घबराकर इस तरह की कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। लेकिन इस प्रतिबंध ने इस डिजिटल मूवमेंट की रफ्तार को रोकने के बजाय और तेज कर दिया है। एक्स हैंडल ब्लॉक होने के महज कुछ ही घंटों के भीतर इस मुहिम से जुड़े लोगों ने एक नया हैंडल तैयार कर लिया, जिसने आते ही इंटरनेट पर फिर से हलचल मचा दी। सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक्स पर लगी पाबंदी का असर इसके दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर नहीं पड़ा। इंस्टाग्राम पर इस पैरोडी पेज की लोकप्रियता इस कदर बढ़ी कि इसके फॉलोअर्स की संख्या मुख्यधारा के बड़े-बड़े राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ते हुए करोड़ों में पहुंच गई, जो यह साफ दर्शाता है कि डिजिटल दुनिया की इस आवाज को पूरी तरह दबाना आसान नहीं है।
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