बाराबंकी में हुई हालिया हिंसा और अपने काफिले पर हुए हमले को लेकर नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद (रावण) ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर दावा किया है कि एक फार्म हाउस के भीतर उनकी हत्या की पूरी योजना तैयार की गई थी। सांसद ने साफ कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास जो जानकारियां व सूत्र हैं, वे बिल्कुल पुख्ता हैं। इस घटना के बाद से ही इलाके में सियासी माहौल गर्मा गया है और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

​सांसद ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि आज सवाल सिर्फ उनकी अपनी सुरक्षा का नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस सुरक्षा में चलने वाले एक चुने हुए सांसद की गाड़ी पर दिनदहाड़े पथराव किया जाता है और पेट्रोल-डीजल की बोतलों से गाड़ी फूंकने की कोशिश होती है, तो आम जनता का क्या होगा। जब हमलावर इतने बेखौफ घूम रहे हैं, तो इससे समझा जा सकता है कि राज्य में दलितों, पिछड़ों और वंचित समाज के लोगों की सुरक्षा का क्या आलम है।

उच्चस्तरीय जांच की मांग


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​चंद्रशेखर रावण ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की किसी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि साजिश रचने वालों से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल एक-एक उपद्रवी का चेहरा जनता के सामने आना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अपने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मौत का खौफ दिखाकर उन्हें डराया नहीं जा सकता। मौत तो एक न एक दिन आनी ही है, लेकिन अगर विरोधी अपने नापाक मंसूबों में नाकाम रहे, तो उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे गुंडों को राज्य से बाहर खदेड़ देगी।

समर्थकों को दिया हौसला

​घटना के बाद अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मनोबल बढ़ाते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि किसी को भी डरने या पीछे हटने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने साथियों से अपील की कि जनता के हक और न्याय की लड़ाई सड़क पर इसी तरह जारी रहेगी। सांसद के इस सख्त तेवर के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।

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