नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद रविवार को गोंडा में मारे गए बर्तन कारोबारी विनोद कुमार साहनी के घर सांत्वना देने जा रहे थे। जैसे ही उनका काफिला बाराबंकी के शाहाबपुर टोल प्लाजा के पास पहुंचा, पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस के रोकते ही मौके पर माहौल गर्मा गया। देखते ही देखते समर्थकों ने सड़क पर लगे बैरियर तोड़ दिए और पुलिस के साथ तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

टोल पर बढ़ा तनाव

​पुलिस और चंद्रशेखर के बीच काफी देर तक बहस होती रही। पुलिस का कहना था कि गोंडा में माहौल बिगड़ सकता है, इसलिए उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी दौरान चंद्रशेखर आजाद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे लंबा जाम लग गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सांसद के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह उल्लंघन किया है। काफी मशक्कत के बाद पुलिस अधिकारी चंद्रशेखर को समझा-बुझाकर सर्किट हाउस ले गए।

प्रदेश भर में प्रदर्शन


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​चंद्रशेखर को रोके जाने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। इसके विरोध में अमरोहा और बिजनौर समेत प्रदेश के कई जिलों में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। अमरोहा में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रविंदर भाटी की अगुवाई में दर्जनों कार्यकर्ता सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर सांसद की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

15 मिनट का अल्टीमेटम

​सड़क पर धरने के दौरान चंद्रशेखर आजाद का गुस्सा भी साफ नजर आया। किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा की गई टिप्पणी से नाराज होकर उन्होंने पुलिस को सीधा अल्टीमेटम दे दिया। चंद्रशेखर ने कहा कि 15 मिनट के भीतर उस शख्स से माफी मंगवाई जाए, नहीं तो 16वें मिनट पर पूरे उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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