उत्तर प्रदेश के झांसी में "कानून के हाथ लंबे होते हैं"—यह कहावत एक बार फिर सच साबित हुई है। लगभग चार दशक पुराने एक छेड़छाड़ के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने उसके 80 के दशक की पुरानी फोटो और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने जब 24 साल की उम्र में यह जुर्म किया था, तब वह कानूनी शिकंजे से बच निकला था, लेकिन 64 साल की उम्र में आखिरकार बुढ़ापे में उसे जेल जाना पड़ा।

80 के दशक में दर्ज हुआ था मामला

​मामला 1980 के दशक (वर्ष 1986) का है, जब 24 वर्षीय आरोपी के खिलाफ एक महिला के साथ छेड़छाड़ का आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। उस समय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जमानत मिल गई थी। हालांकि, जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी कोर्ट की पेशियों से लगातार गायब रहने लगा और अंततः फरार हो गया।

पुरानी तस्वीर से हुआ खुलासा


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​न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ स्थायी वारंट जारी होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। चार दशक बीत जाने के कारण आरोपी के हुलिए और चेहरे में पूरी तरह बदलाव आ चुका था। पुलिस ने आरोपी की पहचान स्थापित करने के लिए उसके 80 के दशक के पुराने रिकॉर्ड्स, परिजनों से मिली जानकारी और उसकी पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट फोटो की मदद ली।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचा

​लगातार अपने ठिकाने बदलने के बाद आरोपी झांसी क्षेत्र में पुलिस की नजरों से बचकर रह रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 64 वर्षीय आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। वर्षों पुराने इस लंबित मामले को सुलझाकर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने पर पुलिस प्रशासन की सराहना हो रही है।

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