ऊधम सिंह नगर जिले में साइबर ठगों के बढ़ते जाल पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर जिले भर में लोगों को ठगी से बचाने के लिए बड़ा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना झनकईया और थाना दिनेशपुर क्षेत्र में पुलिस की ई-मोबाइल वैन जगह-जगह पहुंचकर लोगों को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह कर रही है। पुलिस टीम ने सार्वजनिक जगहों पर पहुंचकर राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी।
डिजिटल अरेस्ट और फर्जी नौकरी से बचें
दिनेशपुर के चक्की मोड़, सुभाष चौक, कालीनगर, मोतीपुर और जाफरपुर रोड पर पुलिस ने चौपाल जैसा माहौल बनाकर लोगों को जागरूक किया। इस दौरान टीम ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों को आसान भाषा में समझाया कि आजकल ठग किस तरह नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घर बैठे नौकरी देने या कम समय में पैसा दोगुना करने के लालच में न आएं। इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डर फैलाकर पैसे ऐंठने वाले गिरोहों से सावधान रहने की सख्त जरूरत है।

निजी जानकारी शेयर न करने की हिदायत
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर बुलिंग से बचाव के तरीके भी बताए। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता संख्या या पासवर्ड साझा न करें। थोड़ी सी लापरवाही से मेहनत की कमाई पल भर में गायब हो सकती है। दिनेशपुर और झनकईया में करीब 300 से ज्यादा लोगों ने पुलिस की इन बातों को समझा और अपने आसपास के लोगों को भी सतर्क करने का संकल्प लिया।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें फोन
पुलिस टीम ने जोर देकर कहा कि अगर कोई गलती से साइबर ठगी का शिकार हो भी जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में समय बहुत कीमती होता है। घटना होते ही तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी सूचना मिलेगी, डूबा हुआ पैसा वापस मिलने की गुंजाइश उतनी ही ज्यादा रहेगी। पुलिस का यह अभियान आगे भी जिले के अलग-अलग इलाकों में जारी रहेगा।
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