पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य 'बंदी सिखों' की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर चंडीगढ़ और मोहाली की सीमा पर भारी हंगामा देखने को मिला। 'अकाली दल (वारिस पंजाब दे)' और विभिन्न सिख संगठनों के आह्वान पर हजारों की संख्या में समर्थक मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब से रोस मार्च निकालते हुए चंडीगढ़ की तरफ बढ़े। प्रदर्शनकारियों के उग्र रुख और मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर बढ़ने के प्रयास के चलते सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़पें हुईं।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
मोहाली और चंडीगढ़ की सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और मजबूत बैरिकेडिंग की गई थी। लेकिन प्रदर्शनकारी सभी रुकावटों को दरकिनार करते हुए सेक्टर-45 स्थित गौशाला चौक के पास पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर आगे निकल गए। ये प्रदर्शनकारी पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के सरकारी आवास की ओर मार्च करने की जिद पर अड़े हुए थे।
बज्र वाहन वाटर कैनन का इस्तेमाल
भीड़ को नियंत्रित करने और आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वज्र वाहन (वाटर कैनन) का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जबरदस्त खींचतान देखने को मिली। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाटकीय दृश्य तब सामने आया जब एक प्रदर्शनकारी उग्र होकर पुलिस की वाटर कैनन गाड़ी के ऊपर ही चढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल बैरिकेड्स तोड़े बल्कि वाटर कैनन के नोजल की दिशा को भी मोड़ दिया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग अप्रैल 2023 से जेल में बंद 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख और सांसद अमृतपाल सिंह की बिना शर्त रिहाई के साथ-साथ देश की विभिन्न जेलों में बंद अन्य 'बंदी सिखों' की रिहाई शामिल है। गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह वर्तमान में अजनाला हिंसा से जुड़े मामलों और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत दर्ज मामलों के चलते कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। इस उग्र प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़-मोहाली मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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