उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में स्थित निर्माणाधीन 3 किलोमीटर लंबी सुरंग में हुआ बड़ा हादसा अब राहत और बचाव कार्य के समापन की ओर बढ़ चुका है। गुरुवार को भूस्खलन के बाद सुरंग के भीतर अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया था, जिसकी चपेट में आकर अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे। घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लगातार अभियान चलाते हुए सुरंग में फंसे सभी 22 मजदूरों को बाहर निकाल लिया है। इसके साथ ही चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को आधिकारिक तौर पर पूरा कर लिया गया है।
हादसे में हताहतों की स्थिति
सुरंग से सभी मजदूरों को बाहर निकाले जाने के बावजूद इस हादसे ने गहरा जख्म दिया है। प्रशासन के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा 2 अन्य मजदूरों के बारे में जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। हादसे में घायल हुए मजदूरों में से 2 की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर किया गया है। अन्य घायलों का स्थानीय अस्पतालों में डॉक्टरों की देखरेख में इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री की पैनी नजर और सहायता निर्देश
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रहे। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन घायलों के स्वास्थ्य में सुधार और प्रभावितों के पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच
राहत एवं बचाव कार्य समाप्त होने के साथ ही अब प्रशासन का पूरा ध्यान हादसे की वजहों का पता लगाने पर केंद्रित हो गया है। 3 किलोमीटर लंबी इस निर्माणाधीन सुरंग में भूस्खलन और अचानक पानी व मलबे के रिसाव के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञ टीमों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई थी या यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक घटना थी।
