हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी रास्तों पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। चंबा जिले के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालूज मोड़ के पास एक भीषण सड़क दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई, जबकि 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बैरागढ़ से चंबा जा रही एक निजी बस अपनी यात्रा शुरू करने के महज पांच किलोमीटर बाद ही बेकाबू होकर हादसे का शिकार हो गई।

​घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया। चंबा के एएसपी दिनेश शर्मा ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 7:15 बजे हादसे की सूचना मिली थी। बस में कुल 18 यात्री सवार थे। सभी 11 घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन हादसे के असली कारणों की जांच में जुटे हैं।

​इस दर्दनाक हादसे पर देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि चंबा में हुई इस दुर्घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है और सरकार घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करती है।

हिमाचल प्रदेश में पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा सड़क हादसा है। चंबा में बस दुर्घटना में 7 लोगों की जान जाने से पहले, 24 जुलाई को लाहौल-स्पीति में पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण हुए हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर लगातार बढ़ते ये हादसे चिंता का विषय बने हुए हैं। इस हादसे में सात और लोगों की मौत के बाद मानसून सीजन में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। वहीं, मानसून सीजन में वर्षा जनित हादसों में अब तक कुल 150 लोगों की मौत हो चुकी है।


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