झारखंड की राजधानी रांची में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन उस समय हिंसक और व्यक्तिगत हमले में बदल गया, जब एक प्रदर्शनकारी छात्र नेता पर सरेआम स्याही फेंक दी गई। यह घटना बिरसा चौक के समीप हुई, जहां विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े सैकड़ों युवा जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ राज्य विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा इस हमले का मुख्य निशाना बनीं।
चश्मदीदों के मुताबिक, जब छात्र अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी भीड़ का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक नेहा बोरा के बिल्कुल करीब पहुंच गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, उसने अपने पास रखी स्याही को छात्र नेता के चेहरे और कपड़ों पर फेंक दिया। इस औचक हमले के बाद मौके पर अचानक अफरा-तफरी मच गई और आंदोलनकारी छात्र उग्र हो गए। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी युवक को तुरंत दबोच लिया और उसे उग्र भीड़ के गुस्से से बचाते हुए पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी युवक ने मीडिया के सामने अपने इस कृत्य को सही ठहराने की कोशिश की। उसने दावा किया कि वह नेहा बोरा की राजनीतिक विचारधारा से असहमत है और उन्हें "देश-विरोधी" तत्वों तथा उमर खालिद का समर्थक मानता है। इसी नाराजगी की वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया। दूसरी तरफ, आइसा और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों ने इस हमले की तीखी निंदा की है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हमलावर सत्ताधारी दल या भाजपा से जुड़ा हुआ है, जो युवाओं के वास्तविक मुद्दों और रोजगार के आंदोलन को भटकाने की साजिश के तहत काम कर रहा है।
इस घटना के बाद भी छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है और उन्होंने पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर अपना विरोध और तेज करने की चेतावनी दी है। राज्य में पिछले कई हफ्तों से सरकारी भर्तियों में हो रही गड़बड़ियों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बिरसा चौक और विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है और पकड़े गए युवक से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस हमले के पीछे के असल इरादों और किसी संभावित साजिश का पता लगाया जा सके।
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