पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी खुफिया नेटवर्क से जुड़ी एक बेहद खतरनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर मंडरा रहे एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया है। जांच के दौरान जो खुलासे सामने आ रहे हैं, वे सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी हड़कंप मचाने वाले हैं।

​एसटीएफ की इस विशेष कार्रवाई में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी की पहचान हामिम मोंडल के रूप में हुई है, जिसे बर्दवान इलाके से हिरासत में लिया गया। इसके अलावा झारखंड से उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को भी दबोचा गया है। शुरुआती पड़ताल और इनके पास से बरामद डिजिटल उपकरणों से यह साफ हुआ है कि यह नेटवर्क सीमा पार बैठे पाकिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में था।

​जांच में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि इस नेटवर्क के निशाने पर राज्य की मुख्यमंत्री की सुरक्षा थी। संदिग्ध आतंकी द्वारा मुख्यमंत्री के आवागमन के रास्तों, सुरक्षा घेरे और गतिविधियों की रेकी की जा रही थी। इसके अलावा, हावड़ा के एक वरिष्ठ नेता के बेटे को हनी-ट्रैप में फंसाने और रंगदारी वसूलने की योजना भी बनाई गई थी।

​इस साजिश का एक और बड़ा और गंभीर केंद्र देश की राजधानी दिल्ली बना हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हामिम मोंडल की योजना दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी छात्र आंदोलन में घुसपैठ करने की थी। वह पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शनकारियों के बीच शामिल होने और वहां बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ तथा हिंसा भड़काने की फिराक में था। मकसद यह था कि भीड़ का फायदा उठाकर अराजकता फैलाई जाए और कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया जाए।


Advertisement

​एसटीएफ अब इस पूरे मामले में हवाला और डिजिटल माध्यमों से हुए वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क को रसद, ठहरने के ठिकाने और अन्य मदद कौन मुहैया करा रहा था। कई राज्यों में संभावित सहयोगियों की तलाश में छापेमारी जारी है। 

---समाप्त---