आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की मौजूदा ईंधन नीतियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ई20 ईंधन नीति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए और इसे सीधे तौर पर देश की जनता के हितों के खिलाफ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इस नीति को जल्दबाजी में लागू किया गया है जिससे आम वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की तरफ से थोपी जा रही यह नीति न सिर्फ गाड़ियों के इंजनों को नुकसान पहुंचा रही है बल्कि जनता की जेब पर भी भारी पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति को देश के लोगों की भलाई के लिए नहीं बल्कि विदेशी दबाव के तहत लागू किया गया है। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा कि किस प्रकार विदेशी ताकतों के इशारे पर भारत में ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं जो यहां के आम नागरिकों के अनुकूल नहीं हैं।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आप संयोजक ने केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने सबसे पहले मांग की कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को खुला विकल्प मिलना चाहिए। जो लोग अपनी मर्जी से ई20 पेट्रोल खरीदना चाहते हैं वे उसे लें लेकिन जो लोग अपनी गाड़ियों की लंबी उम्र के लिए शुद्ध पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें भी शुद्ध पेट्रोल आसानी से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी उपभोक्ता पर जबरन कोई खास ईंधन थोपना पूरी तरह से अनुचित है।

​अपनी दूसरी मांग के तहत उन्होंने कहा कि ई20 पेट्रोल की कीमत सामान्य और शुद्ध पेट्रोल से काफी कम होनी चाहिए क्योंकि इसकी गुणवत्ता और माइलेज को लेकर जनता में पहले से ही संशय बना हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने तीसरी और सबसे बड़ी मांग रखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सीधा लाभ देश की जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस गिरावट के आधार पर देश में पेट्रोल का खुदरा मूल्य घटाकर चौरासी रुपये प्रति लीटर से नीचे लाया जाना चाहिए।


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​केंद्र सरकार पर दबाव बनाने और अपनी इन मांगों को मनवाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने एक बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह आगामी मंगलवार को दोपहर के समय जनता की तरफ से हस्ताक्षर किए गए मांग पत्र और याचिकाएं इकट्ठा करेंगे। इसके बाद वह लगभग सौ लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली स्थित लोक कल्याण मार्ग पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने देश की जनता से भी इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है ताकि आम आदमी को इस दोहरी मार से मुक्ति दिलाई जा सके।

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