राज्य सूचना आयोग में एक ही दिन में 225 मामलों को निपटाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। एडवोकेट अमित अग्रवाल हिरदेश की गैर-मौजूदगी में 10 जुलाई को आयोग ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए उनकी 225 आरटीआई अपीलों को बंद कर दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत में इस रिट याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए याचिकाकर्ता को राज्य सूचना आयोग के समक्ष आदेश वापसी (रिकॉल) की अर्जी लगाने की छूट दी है। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि सूचना आयोग इस प्रार्थना पत्र पर बाकायदा सुनवाई करेगा।
अदालत के आदेश के बाद एडवोकेट अमित अग्रवाल ने हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी के साथ राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार, मुख्य सूचना आयुक्त और संबंधित सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम को स्पीड पोस्ट व ईमेल के जरिए चिट्ठी भेजी है। उन्होंने कहा कि बिना वादी को सुने एक ही आदेश से इतने केस खत्म करना नियमों के खिलाफ और मनमाना कदम था।
याचिकाकर्ता ने आयोग से मांग की है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी 225 मामलों की पत्रावलियों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की बात कही है, ताकि दोबारा सुनवाई के दौरान किसी भी फाइल के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
---समाप्त---