डिजिटल दुनिया में मनमानी करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए भारत सरकार ने एक कड़ा संदेश साफ कर दिया है। लंबे समय से अश्लील कंटेंट और एआई के दुरुपयोग को लेकर सवालों के घेरे में रहे 'एक्स' ने आखिरकार अपनी गलती स्वीकार करते हुए भारतीय कानूनों के आगे समर्पण कर दिया है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कंपनी ने अब स्पष्ट कर दिया है कि वह भारतीय आईटी अधिनियम का पूरी तरह पालन करेगी। इस कार्रवाई के तहत प्लेटफॉर्म से लगभग 3,500 आपत्तिजनक कंटेंट हटा दिए गए हैं और 600 से अधिक उन खातों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है जो नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सरकार ने पाया कि प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है।
ग्रोक एआई और महिलाओं की सुरक्षा पर सीधा प्रहार
इस पूरे विवाद के केंद्र में एलन मस्क का एआई टूल 'ग्रोक' था। भारत सरकार ने एक्स के ऑपरेशंस प्रमुख को लिखे पत्र में बेहद सख्त लहजे में चिंता जताई थी कि ग्रोक एआई का इस्तेमाल फर्जी और आपत्तिजनक सामग्री बनाने के लिए किया जा रहा है। सरकार का तर्क था कि इस तकनीक के माध्यम से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई जा रही है और उनकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बनाकर अपमानजनक तरीके से साझा किए जा रहे हैं। फर्जी खातों के जरिए फैलाए जा रहे इस मायाजाल को सरकार ने देश की सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान के लिए बड़ा खतरा माना। सरकार ने दो टूक शब्दों में कहा था कि तकनीक का विकास अपराध को बढ़ावा देने के लिए नहीं होना चाहिए।
आईटी नियमों का उल्लंघन और अनिवार्य अनुपालन का दबाव
भारत सरकार ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 का हवाला दिया था। सरकार ने चेतावनी दी थी कि भारत की धरती पर व्यापार करने के लिए इन नियमों का पालन करना कोई विकल्प नहीं बल्कि एक अनिवार्यता है। एआई द्वारा जनरेटेड अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई थी। अब एक्स ने अपनी गलती मानते हुए इन नियमों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का वादा किया है। सरकार का यह रुख दर्शाता है कि भविष्य में किसी भी तकनीकी दिग्गज को भारतीय नागरिकों की गरिमा और कानूनी संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह जीत उन करोड़ों इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की है जो एक सुरक्षित डिजिटल परिवेश की उम्मीद रखते हैं।
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