उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मार्मिक वीडियो साझा कर समाज और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थक और उनकी बेटियां लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उसकी पहचान सार्वजनिक कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर न केवल उसकी गोपनीयता भंग की जा रही है, बल्कि उसे चरित्रहीन साबित करने के लिए एक सुनियोजित अभियान भी चलाया जा रहा है। यह स्थिति उसके और उसके परिवार के लिए गंभीर सुरक्षा संकट पैदा कर रही है। पीड़िता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और समाज को न्याय की इस लड़ाई में एक दोषी का साथ देने के बजाय पीड़ित पक्ष के साथ खड़ा होना चाहिए।
जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और कानूनी पेचदगियों का सफर
इस पूरे घटनाक्रम में कानूनी मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर उसे जमानत दे दी गई थी। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई की दलीलों को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में स्पष्ट किया कि मामला एक नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध से जुड़ा है और सेंगर जैसे प्रभावशाली व्यक्ति की रिहाई पीड़िता के लिए घातक हो सकती है। हालांकि हाई कोर्ट ने जमानत देते समय पीड़िता के आवास के पास न जाने जैसी कड़ी शर्तें रखी थीं, लेकिन शीर्ष अदालत ने वर्तमान परिस्थितियों में उसकी हिरासत को ही उचित माना है।
इंसाफ की लड़ाई और दो परिवारों के बीच छिड़ा दावों का संघर्ष
एक तरफ जहां पीड़िता ने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों और सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है, वहीं दूसरी ओर दोषी की बेटी इशिता सेंगर ने भी एक खुला पत्र लिखकर अपनी व्यथा व्यक्त की है। सेंगर की बेटी का दावा है कि उनका परिवार पिछले आठ वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहा है और उन्हें भी सोशल मीडिया पर भारी नफरत का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, पीड़िता की मां ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया है। पीड़िता का कहना है कि वह भी इसी देश की बेटी है और कानून में अपनी आस्था बनाए हुए है, लेकिन जिस तरह से उसे और उसके पति को निशाना बनाया जा रहा है, वह न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक कोशिश मात्र है।
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