ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में नशे के खिलाफ एक बड़े पुलिस ऑपरेशन में 119 लोगों की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस कार्रवाई को ब्राज़ील के इतिहास में सबसे घातक पुलिस ऑपरेशन में से एक माना जा रहा है, और इसमें अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लगे हैं। मुख्य विवरण
  • पृष्भूमि: पुलिस और विशेष बलों ने रियो डी जेनेरियो के गरीब इलाकों (फेवेला) में सक्रिय शक्तिशाली ड्रग गिरोहों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन की योजना कई महीनों से बनाई जा रही थी।
मौतें और गिरफ्तारी: कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मारे गए लोगों की संख्या 119 है, हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 132 बताई गई है। मरने वालों में ड्रग गिरोह के सदस्य और चार पुलिस अधिकारी शामिल थे। हिंसक झड़पें: ऑपरेशन के दौरान पुलिस और गिरोह के सदस्यों के बीच भारी गोलीबारी हुई। गिरोह ने पुलिस को रोकने के लिए सड़कों पर अवरोधक लगाए और बम व ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। विवाद और विरोध प्रदर्शन: इस बड़े पैमाने पर हुई मौतों के कारण लोगों में गुस्सा फैल गया है। निवासियों ने पुलिस पर नरसंहार का आरोप लगाया है और अत्यधिक बल प्रयोग का विरोध किया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और रियो के गवर्नर से इस्तीफे की मांग की है। सरकारी प्रतिक्रिया: रियो के गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने इस ऑपरेशन का बचाव करते हुए इसे वैध करार दिया है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस घटना को "डरावना" बताया है।

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