मुंबई के पवई इलाके में एक स्टूडियो में बच्चों को बंधक बनाने वाले व्यक्ति की पुलिस कार्रवाई में मौत हो गई। पुलिस ने करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन में सभी 17 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पूरा घटनाक्रम:
  • बच्चों को फँसाना: आरोपी, जिसकी पहचान रोहित आर्य के रूप में हुई है, ने एक वेब सीरीज़ के ऑडिशन का झांसा देकर 17 बच्चों को पवई के आर.ए. स्टूडियो में बुलाया था। बच्चे 8 से 14 वर्ष की आयु के थे।
  • बंधक बनाना: आर्य ने बच्चों को स्टूडियो के अंदर बंधक बना लिया। इस दौरान उसने एक वरिष्ठ नागरिक और एक अन्य व्यक्ति को भी बंधक बनाया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
  • धमकी भरा वीडियो: घटना से पहले, रोहित आर्य ने एक वीडियो जारी किया जिसमें उसने कहा कि वह आत्महत्या करने के बजाय बच्चों को बंधक बना रहा है। उसने अपनी कुछ "नैतिक और सरल" मांगें रखीं और धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई, तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा।
  • पुलिस की कार्रवाई: दोपहर करीब 1:45 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी से बातचीत की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद, पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम ने बाथरूम के रास्ते स्टूडियो में घुसने का फैसला किया।
  • गोलीबारी: जब पुलिस टीम ने स्टूडियो में प्रवेश किया, तो रोहित आर्य ने एयरगन से उन पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आर्य को गोली लगी।
  • आरोपी की मौत: घायल आर्य को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
  • बच्चों का बचाव: पुलिस ने सभी 17 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया।
आरोपी का संभावित मकसद: पुलिस की शुरुआती जाँच के अनुसार, रोहित आर्य मानसिक रूप से परेशान था और कथित तौर पर कुछ सरकारी परियोजनाओं से संबंधित बकाया भुगतान और श्रेय नहीं मिलने से हताश था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वह महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षा मंत्री से बात करना चाहता था। जांच जारी: पुलिस ने घटना की गहन जांच शुरू कर दी है। वे आरोपी के मकसद और उसके मानसिक स्थिति का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।  
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