उत्तराखंड में बिजली की कीमतों को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर राज्य के औद्योगिक और बड़े उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने ओपन एक्सेस के माध्यम से बिजली खरीदने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम के बाद अब ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में प्रति यूनिट 1.05 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह नया नियम वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा।

​इस अतिरिक्त शुल्क का मुख्य कारण बिजली वितरण कंपनी (यूपीसीएल) को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। दरअसल, जब बड़े उपभोक्ता ओपन एक्सेस के जरिए सीधे बाजार से बिजली खरीदते हैं, तो वितरण कंपनी के पास वह बिजली बची रह जाती है जिसके लिए उसने पहले से ही अनुबंध कर रखे होते हैं। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, संबंधित अवधि में लगभग 241.93 मिलियन यूनिट बिजली बची रही, जिसका उपयोग नहीं हो सका। राज्य पूल पर बिजली की औसत लागत 0.91 रुपये प्रति यूनिट रही है, लेकिन अन्य अनुमोदित लागतों को शामिल करने के बाद अब इसे 1.05 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

​आयोग का स्पष्ट तर्क है कि इस सरचार्ज से वितरण कंपनी के वित्तीय घाटे को कम करने और प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में मदद मिलेगी। हालांकि, विभाग ने अभी इस पर सभी हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं ताकि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके। वर्तमान में यह निर्णय केवल उन उपभोक्ताओं के लिए है जो ओपन एक्सेस व्यवस्था का लाभ लेते हैं, न कि सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए। इस फैसले से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।


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