उत्तराखंड के हल्द्वानी में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक जघन्य हत्या की वारदात का नैनीताल पुलिस ने बेहद कम समय में खुलासा कर दिया है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के कुशल निर्देशन में टीम ने पेशेवर दक्षता दिखाते हुए मुख्य आरोपी अमित बिष्ट और उसके 19 वर्षीय पुत्र जय बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस फुर्ती ने न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ा है बल्कि जनता के बीच खाकी का इकबाल भी बुलंद किया है।

बीती 4 जनवरी 2026 की रात मानपुर उत्तर का वार्ड नंबर-55 गोलियों की आवाज से दहल उठा था। पीयूष लोहनी की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने स्वयं कमान संभाली। एसपी सिटी मनोज कत्याल और एएसपी दीपशिखा के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के माध्यम से आरोपियों की घेराबंदी शुरू की। पुलिस की रणनीति इतनी सटीक रही कि वारदात के मात्र 4 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी अमित बिष्ट पुलिस की गिरफ्त में था।

पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी दोनाली बंदूक जब्त की। गहन पूछताछ के दौरान जब कड़ियां जोड़ी गईं तो आरोपी के पुत्र जय बिष्ट की भूमिका भी हत्या में साफ तौर पर सामने आई। जांच में पता चला कि इस अपराध में न केवल लाइसेंसी बल्कि अवैध हथियारों का भी उपयोग हुआ था। इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की सख्त धाराएं भी मुकदमे में जोड़ दीं।

पुलिस टीमों ने अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए 5 जनवरी को आरोपी के पुत्र जय बिष्ट को बरेली रोड स्थित होंडा शोरूम तिराहे के पास से दबोच लिया। तलाशी के दौरान जय के पास से एक अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। यह खुलासा हैरान करने वाला था कि महज 19 साल की उम्र में युवक अवैध हथियारों के साथ संगीन वारदात में शामिल था। बिना लाइसेंस के असलहा रखने के जुर्म में पुलिस ने उसके खिलाफ एक अलग प्राथमिकी भी दर्ज की है।


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अभियुक्तों ने पुलिस की कड़ी पूछताछ में कबूल किया कि इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद था। गुस्से और बदले की भावना में आकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अब सभी वैज्ञानिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट की तैयारी कर ली है। दोनों अभियुक्तों को आज यानी 6 जनवरी को भारी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया जा रहा है। एसएसपी नैनीताल ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि की शांति भंग करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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