अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज एक बार फिर देहरादून की सड़कों से लेकर सत्ता के गलियारों तक सुनाई दे रही है। अभिनेत्री उर्मिला सनावर, जिन्होंने सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल कर इस मामले को दोबारा चर्चा में ला दिया था, अब खुद राजधानी के एक निजी होटल में डेरा डाले हुए हैं। आज यानी बुधवार का दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए बेहद निर्णायक होने वाला है। पुलिस ने उर्मिला को पूछताछ के लिए तलब किया है और अभिनेत्री का दावा है कि आज वह पुलिस को वे तमाम अहम सबूत सौंपेंगी, जिनसे अब तक की जांच की दिशा बदल सकती है। उर्मिला ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि उनके पास मौजूद तथ्य इस मामले की परतों को खोलने के लिए काफी हैं और वे केवल पुलिस को ये साक्ष्य देने के मकसद से ही देहरादून पहुंची हैं।
मुख्यमंत्री ने तोड़ी चुप्पी, सीबीआई जांच की गेंद माता-पिता के पाले में
इस हाई-प्रोफाइल विवाद के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल प्रेस वार्ता कर सरकार के इरादे स्पष्ट कर दिए थे। उन्होंने इस मामले में मचे सियासी घमासान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर स्वयं अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि अंकिता के परिजन जिस भी तरह की जांच की मांग करेंगे, सरकार उसे तत्काल स्वीकार करेगी। धामी ने कहा था कि "वे जैसी जांच कहेंगे, वैसी जांच कराई जाएगी," जिससे संकेत मिल रहे हैं कि यदि परिवार सहमत हुआ तो सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश से भी पीछे नहीं हटेगी। मुख्यमंत्री का यह बयान उन राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारियों के लिए भी एक बड़ा जवाब माना जा रहा है जो लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
वायरल ऑडियो और साजिश का पेच
मुख्यमंत्री धामी ने उर्मिला सनावर द्वारा वायरल किए गए ऑडियो और उनके वीडियो बयानों पर भी गंभीरता से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दो लोगों के बीच की निजी बातचीत के आधार पर किसी को भी बदनाम करना अनुचित है, खासकर तब जब वह व्यक्ति उस समय की अपनी लोकेशन और उपस्थिति के पुख्ता प्रमाण दे चुका हो। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि इस कॉल रिकॉर्डिंग में विरोधाभास है, जहाँ एक तरफ अंकिता की मौत को आत्महत्या बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे हत्या करार दिया जा रहा है। उन्होंने इसे अपराधियों को दोषमुक्त करने या प्रदेश का माहौल बिगाड़ने का एक षड्यंत्र भी बताया। सीएम के अनुसार, एसआईटी ने पहले ही आरोपियों को सजा दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की है और वर्तमान में जांच का नेतृत्व करने वाले अधिकारी खुद सीबीआई में तैनात हैं।
निजी होटल में पुलिस का पहरा और बढ़ता दबाव
मंगलवार की रात से ही देहरादून के उस निजी होटल में हलचल बढ़ गई है जहाँ उर्मिला सनावर ठहरी हुई हैं। पुलिस प्रशासन ने उनसे मिलने और पूछताछ करने के लिए तैयारी पूरी कर ली है। उर्मिला का कहना है कि उनके ऊपर दर्ज किए गए मुकदमे केवल उन्हें डराने का जरिया हैं और जांच के दायरे को सीमित रखने के लिए उन्हें 'बेस' बनाया गया है। अब पूरा उत्तराखंड आज होने वाली इस पूछताछ और उर्मिला द्वारा पुलिस को सौंपे जाने वाले उन 'रहस्यमयी सबूतों' पर नजरें गड़ाए बैठा है। क्या ये सबूत वास्तव में किसी नए दोषी की तरफ इशारा करेंगे या फिर यह मामला एक नया सियासी विवाद खड़ा करेगा, इसका फैसला आज की पूछताछ के बाद साफ होने की उम्मीद है।
---समाप्त---