उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सीमा पर स्थित बिलासपुर की बत्रा कॉलोनी में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी भारी बेचैनी और गहमागहमी का माहौल बना रहा। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त टीमों द्वारा कारोबारी रोहताश बत्रा और मेडिसिटी अस्पताल के पूर्व संचालक डॉ. दीपक छाबड़ा के ठिकानों पर शुरू की गई कार्रवाई करीब 36 घंटे बीतने के बाद भी लगातार जारी है। सोमवार तड़के करीब पांच बजे 12 से 15 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची टीमों ने दोनों आवासों को अपने घेरे में लिया था, जिसके बाद से दोनों घरों के भीतर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल चल रही है। मंगलवार सुबह जांच टीमों के वाहनों को आर्क होटल के पास भी देखा गया, जिससे साफ है कि पड़ताल का दायरा काफी बड़ा है। इतनी लंबी और सख्त कार्रवाई के चलते सीमावर्ती इलाकों के व्यापारिक हलकों में दिनभर सुगबुगाहट बनी रही।

​परिजनों से पूछताछ जारी

​सोमवार तड़के शुरू हुई इस छापेमारी के बाद से ही दोनों परिसरों में किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पूरी तरह बंद रखी गई है। सूत्रों के अनुसार, टीमें लगातार दोनों कारोबारियों और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही बैंक खातों के ब्योरे, अस्पताल की पुरानी डीलिंग और संपत्तियों से जुड़े तमाम दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच शुरू हुए डेढ़ दिन से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक जानकारी या बयान सामने नहीं आया है। इस चुप्पी के कारण कार्रवाई की असली वजहों और अब तक मिली जानकारियों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है।

​नेताओं का भारी जमावड़ा


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​कार्रवाई के लंबा खिंचने के साथ ही दोनों आवासों के बाहर उत्तराखंड और यूपी के तमाम दिग्गज नेताओं और व्यापारियों का तांता लग गया। रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, दर्जा राज्य मंत्री सुरेश कोली, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा और डॉ. प्रदीप अदलखा समेत कई रसूखदार लोग मौके पर डटे रहे। इतनी लंबी जांच को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली और दिनभर बाहर तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।

​कार्रवाई पर उठे सवाल

​इस दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने इस लंबी कार्रवाई पर खुलकर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जानबूझकर इस पूरी प्रक्रिया को इतना लंबा खींचा जा रहा है, जिससे परिवार का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। विधायक ने कहा कि यदि किसी तरह के लेन-देन को लेकर संदेह है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन पूरे परिवार को बंधक की तरह बैठाकर रखना कतई सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के नाम पर दबाव बनाना और सौदेबाजी की कोशिश करना गलत है, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

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