समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार की सुबह अचानक प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के अफसर रामपुर जिला जेल पहुंचे और आजम खान के सामने सवालों की लंबी फेहरिस्त रख दी। सुबह 10 बजे शुरू हुआ सवालों का यह दौर शाम 4 बजे तक चला। करीब छह घंटे तक चली इस लंबी पूछताछ के दौरान जेल परिसर के बाहर भी खासी गहमागहमी बनी रही। अफसरों ने जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े लेन-देन को लेकर आजम खान से एक-एक कर कई बातें पूछीं। शाम को जब जांच टीम के अफसर बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की और सीधे रवाना हो गए।
ED ने की सिर्फ आजम से पूछताछ
शाम को आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मिलकर बाहर निकले उनके वकील ने मीडिया को पूरी बात बताई। अधिवक्ता ने साफ किया कि ईडी की टीम ने केवल आजम खान से ही सवाल-जवाब किए हैं, अब्दुल्ला आजम से किसी तरह की कोई पूछताछ नहीं हुई। वकील का कहना था कि जांच एजेंसी के मन में जो भी शंकाएं थीं, आजम खान ने उन सभी के सीधे और तसल्लीबख्श जवाब दे दिए हैं। उनके मुताबिक पूछताछ में ऐसा कुछ नया या अनोखा नहीं था, जिसके इर्द-गिर्द तरह-तरह की चर्चाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शाम तक अफसरों के पास पूछने के लिए कोई नया सवाल नहीं बचा था।
चंदे पर आजम के वकील का पक्ष
जौहर ट्रस्ट में पैसे की हेराफेरी के आरोपों पर वकील ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के नाम पर न तो कोई हेराफेरी हुई है और न ही चंदे का एक भी रुपया इधर-उधर किया गया है। जनता और शुभचिंतकों ने जो भी मदद दी, उसका पाई-पाई का हिसाब-किताब ट्रस्ट के पास मौजूद है। यह पूरा रिकॉर्ड पहले भी आयकर विभाग और ईडी को सौंपा जा चुका है। वकील ने बाहर चल रही घपले की बातों को मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि एजेंसी ने उनसे ऐसे किसी बड़े घोटाले का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने 2021 की पुरानी जांच याद दिलाते हुए कहा कि अब 2027 के चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इसलिए यह सब माहौल बनाया जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले पर ईडी की तरफ से अभी कोई बयान नहीं आया है।
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