देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने Fake Drugs Racket का पर्दाफाश किया है, जिससे देश भर में स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसटीएफ की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस सिंडिकेट ने लगभग 13 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं छह राज्यों में खपा दी थीं। इस पूरे Fake Drugs Racket Exposed होने के बाद, इसके तार हरियाणा से जुड़े होने की पुष्टि हुई है, और STF पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए गहन कार्रवाई कर रही है।

₹13 करोड़ की Fake Drugs का सिंडिकेट कैसे हुआ बेनकाब?

​मामले का खुलासा तब हुआ जब एसटीएफ ने नकली दवाओं के वितरण से जुड़े कुछ प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह Fake Drugs Racket Exposed हुआ कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम पर घटिया और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक दवाएं बना रहा था। इन नकली दवाओं की बिक्री से हजारों लोगों का जीवन खतरे में था।

​एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में कई राज्यों की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लिया गया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी को विशेष अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि इन राज्यों में इस रैकेट की गहरी पैठ थी।


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6 राज्यों तक फैला Fake Drugs और उसका संचालन

​जांच से सामने आया है कि इस Fake Drugs Racket Exposed का जाल केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था। आरोपियों ने अपनी नकली दवाओं को उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और अन्य तीन राज्यों में वितरित किया।

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वितरण के लिए, गिरोह ने जानबूझकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को निशाना बनाया, जहाँ दवा आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी बड़े शहरों की तुलना में कम होती है।

Fake Drugs निर्माण का केंद्र हरियाणा में

​इस Fake Drugs Racket Exposed होने के बाद, मुख्य ऑपरेशनल हब हरियाणा में पाया गया। आशंका है कि नकली दवाओं के निर्माण की अवैध इकाइयां हरियाणा में ही स्थापित थीं। हालांकि, उत्तराखंड में सक्रिय सहयोगी स्थानीय स्तर पर वितरण श्रृंखला को संभाल रहे थे। एसटीएफ अब इन सभी स्थानीय कड़ियों और थोक विक्रेताओं की पहचान कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग की Fake Drugs पर कार्रवाई

​इस Fake Drugs Racket Exposed होने के बाद, संबंधित राज्यों के औषधि नियंत्रकों (Drug Controllers) को अलर्ट जारी कर दिया गया है। उन्हें बाजार से उन सभी संदिग्ध बैच नंबर वाली दवाओं को तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है जो इस रैकेट से जुड़ी हो सकती हैं।

जनता से Fake Drugs को लेकर अपील

​यह मामला एक बार फिर फार्मास्युटिकल सप्लाई चेन में पारदर्शिता और सख्त निगरानी की आवश्यकता पर ज़ोर देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता से केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से दवाएं खरीदने की अपील की है। एसटीएफ ने आश्वासन दिया है कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करके सभी अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

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