उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने को लेकर मचे भारी बवाल के बीच मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। अदालत ने मस्जिद मामले में दाखिल याचिका को पूरी तरह खारिज करते हुए केस को बंद कर दिया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने साफ किया कि जब जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच आपसी सहमति बन चुकी है, तो अब विवाद की कोई गुंजाइश नहीं बचती। कमेटी के वकील कुलदीप पाठक ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के लिए 3 फीट जमीन देने, कुछ दुकानें हटाने और बड़ी मीनार को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर रजामंदी हो चुकी है। विस्थापित होने वाली दुकानों को प्रशासन दूसरी जगह देगा, जिसके बाद मामला कानूनी तौर पर सुलझ गया।
सड़क पर पथराव, लाठीचार्ज
इससे पहले सोमवार की सुबह इलाके में हालात अचानक बिगड़ गए थे। मस्जिद का एक हिस्सा गिराने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। कुछ उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस अफरा-तफरी के दौरान भीड़ को पीछे खदेड़ते समय महिला थाना प्रभारी चोटिल हो गईं। दोपहर के वक्त एक बार फिर पत्थरबाजी की कोशिश हुई, लेकिन भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभालते हुए उपद्रवियों को खदेड़ दिया। दोपहर में नमाज के वक्त थोड़ी देर के लिए काम रोका गया और फिर हालात धीरे-धीरे सामान्य हो गए।
उपद्रवियों पर पुलिस का शिकंजा
माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों पर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। तीन अलग-अलग थानों में 8 नामजद एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें 20 आरोपियों के नाम शामिल हैं। इनमें 5 ऐसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी हैं जो भड़काऊ बातें फैला रहे थे। पुलिस ने अब तक 15 लोगों को हिरासत में ले लिया है। सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब डेढ़ किलोमीटर की सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस दायरे में आने वाले 15 धर्मस्थलों में से 12 पहले ही हटाए जा चुके हैं। इस मस्जिद का भी करीब 9 फीट लंबा हिस्सा सड़क की जद में आ रहा था। उज्जैन के घटनाक्रम को देखते हुए भोपाल में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और इंटरनेट पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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