राजपुरा, 06 नवंबर। दिवाली के ऐन एक दिन पहले पंजाब के राजपुरा में एक बेहद गंभीर रेल हादसा होते-होते बच गया। अमृतसर से पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली कर्मभूमि एक्सप्रेस के चार डिब्बों में सराय बंजारा क्षेत्र के पास अचानक आग लग गई। ट्रेन में अधिकांश संख्या उन प्रवासी श्रमिकों की थी, जो पूरे साल मेहनत-मजदूरी कर त्योहार के मौके पर अपने घरों को लौट रहे थे। डिब्बों से काला धुआं और लपटें उठती देख बोगियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि रेल कर्मचारियों की सतर्कता से समय रहते ट्रेन को नजदीकी राजपुरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित रोक लिया गया, जिससे किसी यात्री का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
दिवाली की खुशियों के बीच मची भगदड़
त्योहार के अवसर पर चल रही इस ट्रेन के अधिकांश कोच खचाखच भरे हुए थे। साल भर की कमाई लेकर अपने-अपने परिवारों के साथ दिवाली मनाने जा रहे मजदूरों को उस समय भारी सदमे का सामना करना पड़ा, जब इंजन से पांचवें डिब्बे तक अचानक घना धुआं फैलने लगा। देखते ही देखते धुआं चार बोगियों में भर गया। दम घुटने जैसी स्थिति बनने पर यात्रियों में दहशत फैल गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग बदहवास होकर चिल्लाने लगे और डिब्बों के दरवाजों की तरफ भागे।
चालक और तकनीकी स्टाफ की सतर्कता
सराय बंजारा के पास बोगियों में धुआं उठते ही ट्रेन संचालन दल ने बिना समय गंवाए तत्काल आपातकालीन कदम उठाए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए चालक ने गति नियंत्रित की और ट्रेन को आगे बढ़ाकर राजपुरा रेलवे स्टेशन पर आपातकालीन स्थिति में खड़ा किया। स्टेशन पर पहले से अलर्ट जारी होने के कारण सुरक्षा कर्मियों और रेलवे के तकनीकी दस्ते ने तुरंत डिब्बों की तरफ दौड़ लगाई। ट्रेन रुकते ही यात्री अपनी गठरियां और बैग लेकर बाहर की तरफ भागे, जिससे स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
टला बड़ा नुकसान, यात्रियों ने ली राहत
ट्रेन रुकने के बाद रेलवे स्टाफ ने राहत कार्य शुरू कर दिया और सभी बोगियों से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्राथमिक जांच और बचाव कार्य के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि घटना में किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। अपनी मेहनत की कमाई और सामान को सुरक्षित देखकर श्रमिकों ने राहत की सांस ली। हालांकि अचानक हुए इस घटनाक्रम ने पूरे सफर के दौरान यात्रियों को डरा कर रख दिया।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
दिवाली जैसे सबसे बड़े पर्व के दौरान जब ट्रेनों में प्रवासियों का भारी दबाव रहता है, उस समय चार बोगियों में एक साथ आग और धुआं फैलने की इस घटना ने रेलवे प्रबंधन की तकनीकी जांच और सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें अब इस बात की तहकीकात में जुटी हैं कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या ब्रेक बाइंडिंग की वजह से धुआं उठा। रेलवे प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि त्योहारी सीजन में इस प्रकार की तकनीकी लापरवाही दोबारा न हो।
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